भोलेनाथ की माया को समझना किसी के बस की बात नहीं — यही इस भजन का मूल भाव है। Sukhwinder Singh की दमदार, गूँजती आवाज़ में "अजब है तेरी माया" भगवान शिव के उस रहस्यमयी स्वरूप को शब्द देता है जो सृष्टि रचता भी है और उसे समझ से परे भी रखता है। Dilip Sen-Sameer Sen के संगीत और Dev Kohli के लिखे बोलों के साथ, 1999 के एल्बम "Shiv Sagar" से आया यह भजन आज भी सोमवार और शिवरात्रि पर उतनी ही श्रद्धा से गाया जाता है।
"तू है भाग्य विधाता तेरे लेख सुलेखे हैं, तू लिखनेवाला है ये सब तेरे लेखे हैं" — यह पंक्ति भक्त की उस श्रद्धा को दर्शाती है जहाँ हर घटना, हर भाग्य शिव के ही लिखे विधान का हिस्सा मानी जाती है।
"पारब्रह्म परमेश्वर तू है हर कोई माने रे, सब तेरे बालक हैं क्या अपने-बेगाने रे" — शिव की समदृष्टि यहाँ स्पष्ट होती है। उनके लिए कोई अपना-पराया नहीं, वे अंतर्यामी रूप से हर हृदय में विद्यमान हैं और सबकी पीड़ा पहचानते हैं।
"हे योगेश्वर योग से तूने जगत बनाया है, तन पे तूने भस्म रमा के अलख जगाया है" — योगेश्वर शिव का यह रूप बताता है कि सृष्टि की रचना योग-शक्ति से हुई, और भस्म रमाए यह योगी रूप वैराग्य और अलौकिकता का प्रतीक है।
"कहीं धूप के रंग सुनहरे कहीं पे छाया है, तूने किया है वही जो तेरे मन को भाया है" — जीवन में सुख और दुख, धूप और छाया — सब कुछ शिव की इच्छा का ही विस्तार है। यही स्वीकार भाव भक्त को शांति देता है।
🕉️ भोलेनाथ! भोलेनाथ! हर हर महादेव! 🔱
🎵 SONG DETAILS
Singer — Sukhwinder Singh
Music — Dilip Sen, Sameer Sen
Lyrics — Dev Kohli
Album — Shiv Sagar (1999)
Label — T-Series
Singer — Sukhwinder Singh
Music — Dilip Sen, Sameer Sen
Lyrics — Dev Kohli
Album — Shiv Sagar (1999)
Label — T-Series
अजब है तेरी माया — Lyrics in Hindi
॥ प्रारंभ ॥
ऊँचे ऊँचे मंदिर तेरे, ऊँचा तेरा धाम
हे कैलाश के वासी भोले, हम करते हैं तुझे प्रणाम
॥ मुखड़ा ॥
अजब है तेरी माया, इसे कोई समझ ना पाया
गजब का खेल रचाया, सबसे बड़ा है तेरा नाम
भोलेनाथ भोलेनाथ भोलेनाथ
भोलेनाथ भोलेनाथ भोलेनाथ
हर हर महादेव हर हर महादेव
हर हर महादेव हर हर महादेव
अद्भुत है संसार यहाँ पे कई भूलेखे हैं
तरह तरह के खेल जगत में हमने देखे हैं
तू है भाग्य विधाता तेरे लेख सुलेखे हैं
तू लिखनेवाला है ये सब तेरे लेखे हैं
अजब है तेरी माया, इसे कोई समझ ना पाया
गजब का खेल रचाया, सबसे बड़ा है तेरा नाम
भोलेनाथ भोलेनाथ भोलेनाथ
भोलेनाथ भोलेनाथ भोलेनाथ
हर हर महादेव हर हर महादेव
हर हर महादेव हर हर महादेव
पारब्रह्म परमेश्वर तू है हर कोई माने रे
सब तेरे बालक हैं क्या अपने-बेगाने रे
तू अंतर्यामी सबकी पीड़ा पहचाने रे
सबके ही हृदय में बैठा घट घट की जाने रे
अजब है तेरी माया, इसे कोई समझ ना पाया
हे योगेश्वर योग से तूने जगत बनाया है
तन पे तूने भस्म रमा के अलख जगाया है
कहीं धूप के रंग सुनहरे कहीं पे छाया है
तूने किया है वही जो तेरे मन को भाया है
अजब है तेरी माया, इसे कोई समझ ना पाया
गजब का खेल रचाया, सबसे बड़ा है तेरा नाम
भोलेनाथ भोलेनाथ भोलेनाथ
भोलेनाथ भोलेनाथ भोलेनाथ
॥ समापन ॥
हर हर महादेव हर हर महादेव
हर हर महादेव हर हर महादेव
भोलेनाथ... हर हर महादेव...
ऊँचे ऊँचे मंदिर तेरे, ऊँचा तेरा धाम
हे कैलाश के वासी भोले, हम करते हैं तुझे प्रणाम
॥ मुखड़ा ॥
अजब है तेरी माया, इसे कोई समझ ना पाया
गजब का खेल रचाया, सबसे बड़ा है तेरा नाम
भोलेनाथ भोलेनाथ भोलेनाथ
भोलेनाथ भोलेनाथ भोलेनाथ
हर हर महादेव हर हर महादेव
हर हर महादेव हर हर महादेव
॥ शिव महिमा ॥
"अजब है तेरी माया" — यही भजन की केंद्रीय भावना है। शिव की लीला को तर्क या बुद्धि से नहीं, केवल श्रद्धा से ही समझा जा सकता है।
॥ अंतरा १ ॥"अजब है तेरी माया" — यही भजन की केंद्रीय भावना है। शिव की लीला को तर्क या बुद्धि से नहीं, केवल श्रद्धा से ही समझा जा सकता है।
अद्भुत है संसार यहाँ पे कई भूलेखे हैं
तरह तरह के खेल जगत में हमने देखे हैं
तू है भाग्य विधाता तेरे लेख सुलेखे हैं
तू लिखनेवाला है ये सब तेरे लेखे हैं
अजब है तेरी माया, इसे कोई समझ ना पाया
गजब का खेल रचाया, सबसे बड़ा है तेरा नाम
भोलेनाथ भोलेनाथ भोलेनाथ
भोलेनाथ भोलेनाथ भोलेनाथ
हर हर महादेव हर हर महादेव
हर हर महादेव हर हर महादेव
॥ शिव महिमा ॥
शिव को भाग्य-विधाता कहा गया है — जो कुछ भी होता है, वह उन्हीं के लिखे लेख के अनुसार होता है, यह भाव भक्त को नियति के आगे विनम्र बनाता है।
॥ अंतरा २ ॥शिव को भाग्य-विधाता कहा गया है — जो कुछ भी होता है, वह उन्हीं के लिखे लेख के अनुसार होता है, यह भाव भक्त को नियति के आगे विनम्र बनाता है।
पारब्रह्म परमेश्वर तू है हर कोई माने रे
सब तेरे बालक हैं क्या अपने-बेगाने रे
तू अंतर्यामी सबकी पीड़ा पहचाने रे
सबके ही हृदय में बैठा घट घट की जाने रे
अजब है तेरी माया, इसे कोई समझ ना पाया
॥ शिव महिमा ॥
शिव के लिए कोई अपना-पराया नहीं — वे हर हृदय में अंतर्यामी रूप से बसे हैं, यही उनकी समदृष्टि का सबसे बड़ा प्रमाण है।
॥ अंतरा ३ ॥शिव के लिए कोई अपना-पराया नहीं — वे हर हृदय में अंतर्यामी रूप से बसे हैं, यही उनकी समदृष्टि का सबसे बड़ा प्रमाण है।
हे योगेश्वर योग से तूने जगत बनाया है
तन पे तूने भस्म रमा के अलख जगाया है
कहीं धूप के रंग सुनहरे कहीं पे छाया है
तूने किया है वही जो तेरे मन को भाया है
अजब है तेरी माया, इसे कोई समझ ना पाया
गजब का खेल रचाया, सबसे बड़ा है तेरा नाम
भोलेनाथ भोलेनाथ भोलेनाथ
भोलेनाथ भोलेनाथ भोलेनाथ
॥ समापन ॥
हर हर महादेव हर हर महादेव
हर हर महादेव हर हर महादेव
भोलेनाथ... हर हर महादेव...
Ajab Hai Teri Maya — Lyrics in English (Roman)
Unche unche mandir tere, uncha tera dhaam
He Kailash ke vaasi Bhole, hum karte hain tujhe pranaam
Ajab hai teri maaya, ise koi samajh na paaya
Gajab ka khel rachaya, sabse badha hai tera naam
Bholenath Bholenath Bholenath
Bholenath Bholenath Bholenath
Har Har Mahadev Har Har Mahadev
Har Har Mahadev Har Har Mahadev
Adbhut hai sansaar yahan pe kai bhoolekhe hain
Tarah tarah ke khel jagat mein hamne dekhe hain
Tu hai bhagya vidhata tere lekh sulekhe hain
Tu likhne wala hai ye sab tere lekhe hain
Ajab hai teri maaya, ise koi samajh na paaya
Gajab ka khel rachaya, sabse badha hai tera naam
Bholenath Bholenath Bholenath
Bholenath Bholenath Bholenath
Har Har Mahadev Har Har Mahadev
Har Har Mahadev Har Har Mahadev
Parabrahma parameshwar tu hai har koi maane re
Sab tere baalak hain kya apne-begaane re
Tu antaryami sabki peeda pehchaane re
Sabke hi hriday mein baitha ghat ghat ki jaane re
Ajab hai teri maaya, ise koi samajh na paaya
He Yogeshwar yog se tune jagat banaya hai
Tan pe tune bhasma rama ke alakh jagaya hai
Kahin dhoop ke rang sunhare kahin pe chhaya hai
Tune kiya hai wahi jo tere man ko bhaya hai
Ajab hai teri maaya, ise koi samajh na paaya
Gajab ka khel rachaya, sabse badha hai tera naam
Bholenath Bholenath Bholenath
Bholenath Bholenath Bholenath
Har Har Mahadev Har Har Mahadev
Har Har Mahadev Har Har Mahadev
Bholenath... Har Har Mahadev...
He Kailash ke vaasi Bhole, hum karte hain tujhe pranaam
Ajab hai teri maaya, ise koi samajh na paaya
Gajab ka khel rachaya, sabse badha hai tera naam
Bholenath Bholenath Bholenath
Bholenath Bholenath Bholenath
Har Har Mahadev Har Har Mahadev
Har Har Mahadev Har Har Mahadev
Adbhut hai sansaar yahan pe kai bhoolekhe hain
Tarah tarah ke khel jagat mein hamne dekhe hain
Tu hai bhagya vidhata tere lekh sulekhe hain
Tu likhne wala hai ye sab tere lekhe hain
Ajab hai teri maaya, ise koi samajh na paaya
Gajab ka khel rachaya, sabse badha hai tera naam
Bholenath Bholenath Bholenath
Bholenath Bholenath Bholenath
Har Har Mahadev Har Har Mahadev
Har Har Mahadev Har Har Mahadev
Parabrahma parameshwar tu hai har koi maane re
Sab tere baalak hain kya apne-begaane re
Tu antaryami sabki peeda pehchaane re
Sabke hi hriday mein baitha ghat ghat ki jaane re
Ajab hai teri maaya, ise koi samajh na paaya
He Yogeshwar yog se tune jagat banaya hai
Tan pe tune bhasma rama ke alakh jagaya hai
Kahin dhoop ke rang sunhare kahin pe chhaya hai
Tune kiya hai wahi jo tere man ko bhaya hai
Ajab hai teri maaya, ise koi samajh na paaya
Gajab ka khel rachaya, sabse badha hai tera naam
Bholenath Bholenath Bholenath
Bholenath Bholenath Bholenath
Har Har Mahadev Har Har Mahadev
Har Har Mahadev Har Har Mahadev
Bholenath... Har Har Mahadev...
भजन का अर्थ – Ajab Hai Teri Maya Meaning
"अजब है तेरी माया, इसे कोई समझ ना पाया, गजब का खेल रचाया" — यह मुखड़ा ही भजन का सार है। शिव की लीला तर्क से परे है — वे सृष्टि रचते हैं, पालते हैं और संहार करते हैं, फिर भी उनका खेल पूरी तरह से समझ से बाहर रहता है।"तू है भाग्य विधाता तेरे लेख सुलेखे हैं, तू लिखनेवाला है ये सब तेरे लेखे हैं" — यह पंक्ति भक्त की उस श्रद्धा को दर्शाती है जहाँ हर घटना, हर भाग्य शिव के ही लिखे विधान का हिस्सा मानी जाती है।
"पारब्रह्म परमेश्वर तू है हर कोई माने रे, सब तेरे बालक हैं क्या अपने-बेगाने रे" — शिव की समदृष्टि यहाँ स्पष्ट होती है। उनके लिए कोई अपना-पराया नहीं, वे अंतर्यामी रूप से हर हृदय में विद्यमान हैं और सबकी पीड़ा पहचानते हैं।
"हे योगेश्वर योग से तूने जगत बनाया है, तन पे तूने भस्म रमा के अलख जगाया है" — योगेश्वर शिव का यह रूप बताता है कि सृष्टि की रचना योग-शक्ति से हुई, और भस्म रमाए यह योगी रूप वैराग्य और अलौकिकता का प्रतीक है।
"कहीं धूप के रंग सुनहरे कहीं पे छाया है, तूने किया है वही जो तेरे मन को भाया है" — जीवन में सुख और दुख, धूप और छाया — सब कुछ शिव की इच्छा का ही विस्तार है। यही स्वीकार भाव भक्त को शांति देता है।
🕉️ और शिव भजन पढ़ें
अजब है तेरी माया — Full HD Video
Sukhwinder Singh Version (T-Series Bhakti Sagar)
निष्कर्ष
Sukhwinder Singh की आवाज़ में "अजब है तेरी माया" सुनना भोलेनाथ की उस अनंत, समझ से परे लीला को महसूस करना है जो सृष्टि के हर कोने में फैली है। Dilip Sen-Sameer Sen का संगीत और Dev Kohli के बोल इस भाव को और सशक्त बना देते हैं। इसे सोमवार, शिवरात्रि या श्रावण मास में सुनें — और भाग्य-विधाता शिव के आगे समर्पण का यह भाव जीवन को हल्का कर देगा। इस भजन को अपने शिवभक्त परिवार और मित्रों के साथ ज़रूर share करें। 🕉️ भोलेनाथ! भोलेनाथ! हर हर महादेव! 🔱हर नया भजन सबसे पहले पाएं
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