हर शुभ कार्य की शुरुआत गणेश की पूजा से होती है। वह विघ्नों को हरने वाले, बुद्धि के दाता, सिद्धि के प्रदाता हैं। Jagjit Singh का यह क्लासिकल गणपति भजन "गाईये गणपति जग जगवंदन" गणेश की महिमा को सबसे सुंदर तरीके से व्यक्त करता है। Jagjit Singh के उन्मुक्त कंठ में यह गीत न केवल एक प्रार्थना है, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभूति है जो भक्त को सीधे गणपति के चरणों तक ले जाती है। यह भजन गणेश के मंगलमय स्वरूप, उनकी दिव्य शक्तियों और हर सकारात्मक परिवर्तन के अग्रदूत के रूप में उनकी भूमिका को दर्शाता है।
Jagjit Singh ने अपने गायन से इस परंपरागत भजन को एक नए आयाम में ले जाया है। उनका शास्त्रीय संगीत प्रशिक्षण, उनकी भक्ति की गहराई, और उनकी कलात्मक संवेदनशीलता — सभी मिलकर इस गीत को एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बना देते हैं।
गणेश हमारे जीवन के हर मंगलमय क्षण के अभिन्न अंग हैं। शिक्षा शुरू करते समय, व्यापार शुरू करते समय, किसी भी नए कार्य की शुरुआत करते समय — गणेश की पूजा पहली प्रार्थना है। उनके आशीर्वाद बिना कोई भी शुभ कार्य सफल नहीं माना जाता।
जगवंदन का अर्थ है "जगत के पूजनीय"। यह पंक्ति गणपति को सृष्टि के आराध्य और पूज्य के रूप में स्थापित करती है। शंकर के पुत्र, पार्वती के लाड़ले गणेश — वह विश्व के हर कण में पूजे जाते हैं।
प्रथम अंतरा: "सिद्धि सदन गजवदन विनायक, कृपा सिंधु सुंदर सब लायक"
सिद्धि (सफलता) का वास गणेश में है। गजवदन (हाथी का मुँह) उनकी विशालता और शक्ति का प्रतीक है। विनायक (नम्र प्रभु) की कृपा एक अथाह सागर है जो सभी को समान रूप से आलिंगन करती है।
द्वितीय अंतरा: "मोदक प्रिय मुद मंगल दाता, विद्या बारिधि बुद्धि विधाता"
मोदक (मीठा) गणेश का प्रिय भोजन है। मुद (मुहूर्त/शुभ समय) और मंगल (कल्याण) गणेश स्वयं प्रदान करते हैं। विद्या बारिधि (ज्ञान का सागर) और बुद्धि विधाता (बुद्धि के दाता) — गणेश शिक्षार्थियों के सर्वोच्च संरक्षक हैं।
समापन (Final Verse): "मंगत तुलसीदास कर जोरे, बसहु राम सिय मनस मोरे"
महान कवि तुलसीदास हाथ जोड़कर गणेश से प्रार्थना करते हैं: हे गणपति, मेरे हृदय में राम-सीता का वास कराओ। यह पंक्ति दर्शाती है कि गणेश ही हर आध्यात्मिक यात्रा का द्वार हैं, हर प्रार्थना का माध्यम हैं।
बुद्धिदाता — ज्ञान के दाता: गणेश बुद्धि, विवेक और सही निर्णय लेने की क्षमता का आशीर्वाद देते हैं। शिक्षार्थियों, विद्वानों और ज्ञान के साधकों के लिए गणेश की पूजा अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्हें "गणेश" कहा जाता है — जिसका अर्थ है "गणों का नेता" — विभिन्न शक्तियों और गुणों का समन्वयकर्ता।
सिद्धिदाता — सफलता के प्रदाता: "ॐ गं गणपतये नमः" का जाप स्वयं में एक शक्तिशाली मंत्र है। गणेश के आशीर्वाद से कोई भी कार्य सफल होता है, कोई भी लक्ष्य प्राप्त होता है। वह आठ सिद्धियों के स्वामी हैं और नौ निधियों के रक्षक भी।
जगवंदन — जगत के स्वामी: "जग जगवंदन" का अर्थ है जगत के आराध्य, जगत के पूजनीय। गणेश न केवल देवताओं के गणनायक हैं, बल्कि वह सृष्टि के हर कण में विद्यमान हैं। उनका आशीर्वाद सर्वव्यापी है और उनकी कृपा अपरिमित है।
लम्बोदर — करुणा का प्रतीक: गणेश की विशाल शरीर की संरचना उनकी विशालता, उदारता और आलिंगन करने की क्षमता का प्रतीक है। वह हर भक्त को अपने में समाहित करते हैं, हर पीड़ा को अपने में झेलते हैं।
जब Jagjit Singh ने "गाईये गणपति जग जगवंदन" गाया, तब उन्होंने इसे केवल एक गीत नहीं बनाया — उन्होंने इसे एक पूजा बना दिया। उनके कंठ से निकलने वाले हर स्वर में भगवान गणेश का वास दिखता है। उनकी शास्त्रीय प्रशिक्षण, उनकी भक्ति की गहराई, और उनकी कलात्मक संवेदनशीलता का अद्भुत समन्वय इस भजन को अविस्मरणीय बनाता है।
Jagjit Singh के गायन में एक अलग ही आध्यात्मिकता है। वह केवल गाते नहीं, वह प्रार्थना करते हैं। और जब कोई सच्चे मन से प्रार्थना करता है, तो देवता का वास उसमें होता है।
याद रखें: गणेश हर सफलता के पहले पूजे जाते हैं। हर शुभ कार्य की शुरुआत में उनका नाम पहला लिया जाता है। आपके जीवन में भी गणेश को पहले स्थान दें। उनके आशीर्वाद से सभी विघ्न दूर होते हैं, सभी कठिनाइयाँ सुलझती हैं, और सभी सपने पूरे होते हैं।
इस भजन को अपने सभी प्रिय जनों और भक्ति-प्रेमियों के साथ ज़रूर share करें। 🙏 जय गणेश! 🧡
ॐ गं गणपतये नमः
🙏 जय गणेश! 🧡
🎵 गीत विवरण | SONG DETAILS
गीत शीर्षक | Title — Gaiye Ganapati Jagvandan (गाईये गणपति जग जगवंदन)
गायक | Singer — Jagjit Singh
शैली | Style — Classical Devotional Bhajan
विषय | Theme — Ganesh Prayer, Ganesh Aarti, Wisdom & Prosperity
प्रकार | Type — Ganesh Bhajan, Devotional Music
रचनाकार | Composer — Traditional (Jagjit Singh's Rendition)
गीत शीर्षक | Title — Gaiye Ganapati Jagvandan (गाईये गणपति जग जगवंदन)
गायक | Singer — Jagjit Singh
शैली | Style — Classical Devotional Bhajan
विषय | Theme — Ganesh Prayer, Ganesh Aarti, Wisdom & Prosperity
प्रकार | Type — Ganesh Bhajan, Devotional Music
रचनाकार | Composer — Traditional (Jagjit Singh's Rendition)
भजन का भाव — गणेश की अद्भुत महिमा
"गाईये गणपति जग जगवंदन" भजन में गणेश के उन सभी रूपों को समेटा गया है जो हिंदू दर्शन में पूजे जाते हैं। यह भजन हमें याद दिलाता है कि गणेश केवल एक देवता नहीं हैं — वह हमारे अंदर की सकारात्मक शक्तियों का प्रतीक हैं।Jagjit Singh ने अपने गायन से इस परंपरागत भजन को एक नए आयाम में ले जाया है। उनका शास्त्रीय संगीत प्रशिक्षण, उनकी भक्ति की गहराई, और उनकी कलात्मक संवेदनशीलता — सभी मिलकर इस गीत को एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बना देते हैं।
गणेश हमारे जीवन के हर मंगलमय क्षण के अभिन्न अंग हैं। शिक्षा शुरू करते समय, व्यापार शुरू करते समय, किसी भी नए कार्य की शुरुआत करते समय — गणेश की पूजा पहली प्रार्थना है। उनके आशीर्वाद बिना कोई भी शुभ कार्य सफल नहीं माना जाता।
गाईये गणपति जग जगवंदन — हिंदी गीत | Hindi Lyrics
स्थाई (Sthai - Chorus):
गाईये गणपति जग जगवंदन।
शंकर सुवन भवानी के नंदन॥
शंकर सुवन भवानी के नंदन।
गाईये गणपति जग जगवंदन॥
प्रथम अंतरा (Antara 1):
सिद्धि सदन गजवदन विनायक।
कृपा सिंधु सुंदर सब लायक॥
शंकर सुवन भवानी के नंदन।
गाईये गणपति जग जगवंदन॥
द्वितीय अंतरा (Antara 2):
मोदक प्रिय मुद मंगल दाता।
विद्या बारिधि बुद्धि विधाता॥
शंकर सुवन भवानी के नंदन।
गाईये गणपति जग जगवंदन॥
समापन (Final Verse):
मंगत तुलसीदास कर जोरे।
बसहु राम सिय मनस मोरे॥
शंकर सुवन भवानी के नंदन।
गाईये गणपति जग जगवंदन॥
गाईये गणपति जग जगवंदन।
शंकर सुवन भवानी के नंदन॥
शंकर सुवन भवानी के नंदन।
गाईये गणपति जग जगवंदन॥
प्रथम अंतरा (Antara 1):
सिद्धि सदन गजवदन विनायक।
कृपा सिंधु सुंदर सब लायक॥
शंकर सुवन भवानी के नंदन।
गाईये गणपति जग जगवंदन॥
द्वितीय अंतरा (Antara 2):
मोदक प्रिय मुद मंगल दाता।
विद्या बारिधि बुद्धि विधाता॥
शंकर सुवन भवानी के नंदन।
गाईये गणपति जग जगवंदन॥
समापन (Final Verse):
मंगत तुलसीदास कर जोरे।
बसहु राम सिय मनस मोरे॥
शंकर सुवन भवानी के नंदन।
गाईये गणपति जग जगवंदन॥
Gaiye Ganapati Jagvandan — हिंग्लिश अनुवाद | Hinglish Transliteration
Sthai (Chorus):
Gaiye Ganapati Jag Jagvandan।
Shankar Suvan Bhavani Ke Nandan॥
Shankar Suvan Bhavani Ke Nandan।
Gaiye Ganapati Jag Jagvandan॥
Pratham Antara (Antara 1):
Siddhi Sadan Gajvadan Vinayak।
Kripa Sindhu Sundar Sab Layak॥
Shankar Suvan Bhavani Ke Nandan।
Gaiye Ganapati Jag Jagvandan॥
Dwitiya Antara (Antara 2):
Modak Priy Mud Mangal Data।
Vidya Baridhi Buddhi Vidhata॥
Shankar Suvan Bhavani Ke Nandan।
Gaiye Ganapati Jag Jagvandan॥
Samaapan (Final Verse):
Mangat Tulasidas Kar Jore।
Bashu Ram Siy Manas More॥
Shankar Suvan Bhavani Ke Nandan।
Gaiye Ganapati Jag Jagvandan॥
Gaiye Ganapati Jag Jagvandan।
Shankar Suvan Bhavani Ke Nandan॥
Shankar Suvan Bhavani Ke Nandan।
Gaiye Ganapati Jag Jagvandan॥
Pratham Antara (Antara 1):
Siddhi Sadan Gajvadan Vinayak।
Kripa Sindhu Sundar Sab Layak॥
Shankar Suvan Bhavani Ke Nandan।
Gaiye Ganapati Jag Jagvandan॥
Dwitiya Antara (Antara 2):
Modak Priy Mud Mangal Data।
Vidya Baridhi Buddhi Vidhata॥
Shankar Suvan Bhavani Ke Nandan।
Gaiye Ganapati Jag Jagvandan॥
Samaapan (Final Verse):
Mangat Tulasidas Kar Jore।
Bashu Ram Siy Manas More॥
Shankar Suvan Bhavani Ke Nandan।
Gaiye Ganapati Jag Jagvandan॥
गीत का अर्थ — हर पद की महिमा
स्थाई (Chorus): "गाईये गणपति जग जगवंदन, शंकर सुवन भवानी के नंदन"जगवंदन का अर्थ है "जगत के पूजनीय"। यह पंक्ति गणपति को सृष्टि के आराध्य और पूज्य के रूप में स्थापित करती है। शंकर के पुत्र, पार्वती के लाड़ले गणेश — वह विश्व के हर कण में पूजे जाते हैं।
प्रथम अंतरा: "सिद्धि सदन गजवदन विनायक, कृपा सिंधु सुंदर सब लायक"
सिद्धि (सफलता) का वास गणेश में है। गजवदन (हाथी का मुँह) उनकी विशालता और शक्ति का प्रतीक है। विनायक (नम्र प्रभु) की कृपा एक अथाह सागर है जो सभी को समान रूप से आलिंगन करती है।
द्वितीय अंतरा: "मोदक प्रिय मुद मंगल दाता, विद्या बारिधि बुद्धि विधाता"
मोदक (मीठा) गणेश का प्रिय भोजन है। मुद (मुहूर्त/शुभ समय) और मंगल (कल्याण) गणेश स्वयं प्रदान करते हैं। विद्या बारिधि (ज्ञान का सागर) और बुद्धि विधाता (बुद्धि के दाता) — गणेश शिक्षार्थियों के सर्वोच्च संरक्षक हैं।
समापन (Final Verse): "मंगत तुलसीदास कर जोरे, बसहु राम सिय मनस मोरे"
महान कवि तुलसीदास हाथ जोड़कर गणेश से प्रार्थना करते हैं: हे गणपति, मेरे हृदय में राम-सीता का वास कराओ। यह पंक्ति दर्शाती है कि गणेश ही हर आध्यात्मिक यात्रा का द्वार हैं, हर प्रार्थना का माध्यम हैं।
गणपति की महिमा — गणेश का महत्व
विघ्नहर्ता — विघ्नों का नाश करने वाले: गणेश को "विघ्नराज" कहा जाता है। वह किसी भी बाधा, समस्या या विघ्न को दूर करने की शक्ति रखते हैं। जीवन के हर मोड़ पर, हर कठिनाई में, गणेश की शरण लेना सबसे सुरक्षित और शुभकारी माना जाता है।बुद्धिदाता — ज्ञान के दाता: गणेश बुद्धि, विवेक और सही निर्णय लेने की क्षमता का आशीर्वाद देते हैं। शिक्षार्थियों, विद्वानों और ज्ञान के साधकों के लिए गणेश की पूजा अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्हें "गणेश" कहा जाता है — जिसका अर्थ है "गणों का नेता" — विभिन्न शक्तियों और गुणों का समन्वयकर्ता।
सिद्धिदाता — सफलता के प्रदाता: "ॐ गं गणपतये नमः" का जाप स्वयं में एक शक्तिशाली मंत्र है। गणेश के आशीर्वाद से कोई भी कार्य सफल होता है, कोई भी लक्ष्य प्राप्त होता है। वह आठ सिद्धियों के स्वामी हैं और नौ निधियों के रक्षक भी।
जगवंदन — जगत के स्वामी: "जग जगवंदन" का अर्थ है जगत के आराध्य, जगत के पूजनीय। गणेश न केवल देवताओं के गणनायक हैं, बल्कि वह सृष्टि के हर कण में विद्यमान हैं। उनका आशीर्वाद सर्वव्यापी है और उनकी कृपा अपरिमित है।
लम्बोदर — करुणा का प्रतीक: गणेश की विशाल शरीर की संरचना उनकी विशालता, उदारता और आलिंगन करने की क्षमता का प्रतीक है। वह हर भक्त को अपने में समाहित करते हैं, हर पीड़ा को अपने में झेलते हैं।
Jagjit Singh — गणेश भजन के शिल्पी
Jagjit Singh का नाम भारतीय शास्त्रीय संगीत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से लिखा है। उन्होंने न केवल गजलों को एक नए ऊँचाई पर ले गए, बल्कि भक्ति संगीत में भी अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन किया।जब Jagjit Singh ने "गाईये गणपति जग जगवंदन" गाया, तब उन्होंने इसे केवल एक गीत नहीं बनाया — उन्होंने इसे एक पूजा बना दिया। उनके कंठ से निकलने वाले हर स्वर में भगवान गणेश का वास दिखता है। उनकी शास्त्रीय प्रशिक्षण, उनकी भक्ति की गहराई, और उनकी कलात्मक संवेदनशीलता का अद्भुत समन्वय इस भजन को अविस्मरणीय बनाता है।
Jagjit Singh के गायन में एक अलग ही आध्यात्मिकता है। वह केवल गाते नहीं, वह प्रार्थना करते हैं। और जब कोई सच्चे मन से प्रार्थना करता है, तो देवता का वास उसमें होता है।
🙏 और गणेश भजन पढ़ें
गाईये गणपति जग जगवंदन — Videos
Version 1: Jagjit Singh Classical Rendition
Version 2: Devotional Performance
निष्कर्ष — हर दिन गणेश को याद करें
"गाईये गणपति जग जगवंदन" को सुनते हुए अपने अंदर की सकारात्मकता को जागृत करें। Jagjit Singh का यह क्लासिकल भजन केवल एक गीत नहीं है — यह एक आध्यात्मिक यात्रा है, एक प्रार्थना है, एक आशीर्वाद है।याद रखें: गणेश हर सफलता के पहले पूजे जाते हैं। हर शुभ कार्य की शुरुआत में उनका नाम पहला लिया जाता है। आपके जीवन में भी गणेश को पहले स्थान दें। उनके आशीर्वाद से सभी विघ्न दूर होते हैं, सभी कठिनाइयाँ सुलझती हैं, और सभी सपने पूरे होते हैं।
इस भजन को अपने सभी प्रिय जनों और भक्ति-प्रेमियों के साथ ज़रूर share करें। 🙏 जय गणेश! 🧡
ॐ गं गणपतये नमः
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