Singer & Music — Agam Aggarwal
Lyrics — Aishwary Sharma
Director / Editor — Agam Aggarwal
DOP — Ritesh Yadav
Motion Graphics — Graphiedit
भजन का भाव — ॐ नमः शिवाय, हर हर भोले
भजन की शुरुआत ही एक बड़ी घोषणा से होती है — भोलेनाथ किसी एक पंथ या रूप के नहीं, वे राम के भी उतने ही हैं जितने श्याम (कृष्ण) के। कहा गया है कि जो भी नारायण का ध्यान करता है, वह शिव की भी आराधना करता है — क्योंकि रामसेतु का निर्माण और रामायण की संपूर्णता, दोनों शिव की कृपा से ही संभव हुए। इसी तरह वृंदावन जाने वाले भक्त वास्तव में माधव के दर्शन में शिव को ही खोज रहे हैं।आगे भजन भोलेनाथ की उस सरलता की बात करता है जो उन्हें "सबसे भोला" बनाती है — समुद्र-मंथन के समय अमृत के बंटवारे में उन्होंने कुछ नहीं मांगा, चुपचाप हलाहल विष पी लिया। शिव को त्रिलोचन कहा गया है, और यह भी बताया गया है कि उन्होंने अपने नेत्र विष्णु को अर्पित किए, जिससे कमल-नयन नाम और सुदर्शन चक्र जैसी कथाएँ जुड़ी हैं। परशुराम को भी शिव की ही कृपा और तप से वह शक्ति प्राप्त हुई जिससे उन्होंने अधर्मियों का नाश किया।
भजन में हनुमानजी का प्रसंग भी आता है — लंका-दहन के समय जो अग्नि प्रज्वलित हुई, उसे शिव के ही तप और ताप से जोड़ा गया है। भोलेनाथ को कैलाश पर काल को भी नियंत्रित करने वाला बताया गया है, जो धरती की रक्षा करते हैं। रावण द्वारा अभिमानवश कैलाश पर्वत उठाने और फिर शिव की शक्ति से उसके मद का नाश होने की कथा भी यहाँ संक्षेप में आती है। अंत में कामदेव द्वारा शिव की तपस्या भंग करने के प्रयास और तपोबल से उन्हें भस्म किए जाने की प्रसिद्ध कथा का उल्लेख है।
भजन का समापन उसी प्रसिद्ध चौपाई से होता है जो रामचरितमानस से ली गई है — "मंगल भवन अमंगल हारी" — यानी शिव का धाम मंगलकारी है और वे भय व संकट, दोनों का नाश करते हैं।
भजन में आई पौराणिक कथाएँ — एक नज़र में
राम और शिव का संबंध: रामसेतु निर्माण से पहले भगवान राम ने स्वयं शिवलिंग की स्थापना और पूजा की थी — भजन इसी प्रसंग की ओर इशारा करता है।समुद्र-मंथन और नीलकंठ: जब मंथन से हलाहल विष निकला, तो शिव ने बिना किसी शिकायत के उसे पी लिया — यही उनकी "सबसे भोले" वाली छवि का आधार है।
शिव और सुदर्शन चक्र: एक प्रचलित कथा के अनुसार शिव ने अपने नेत्र विष्णु को अर्पित किए, जिससे सुदर्शन चक्र से जुड़ी कथाएँ प्रचलित हुईं।
हनुमान और लंका-दहन: हनुमानजी की पूँछ में लगी अग्नि को शिव-तत्व से जोड़ते हुए भजन उनके पराक्रम की महिमा गाता है।
कामदेव-दहन: तपस्या भंग करने आए कामदेव को शिव ने अपने तीसरे नेत्र से भस्म कर दिया था — यह प्रसंग शिव की तपस्वी शक्ति को दर्शाता है।
ॐ नमः शिवाय हर हर भोले Lyrics (Hindi & English)
ॐ नमः शिवाय हर हर भोले
Om Namah Shivaya Har Har Bhole
शिव राम के हैं, श्याम के हैं
Shiva Ram Ke Hain, Shyam Ke Hain
शिव को ध्याये नारायण, शिव अराधा
Shiva Ko Dhyaye Narayan, Shiva Aradha
सेतु बाँधा पूर्ण होती रामायण।
Setu Bandha Purna Hoti Ramayan.
शिव कृष्णा दर्शन देखने को वृन्दावन सब जा रहे
Shiva Krishna Darshan Dekhne Ko Vrindavan Sab Ja Rahe
शिव का दर्शन माधव पाकर मंद मंद मुस्का रहे
Shiva Ka Darshan Madhav Paakar Mand Mand Muska Rahe
ओ मेरे भोले तू सबसे भोला
O Mere Bhole Tu Sabse Bhola
अमृत की बाट में कुछ नहीं बोला
Amrit Ki Baat Mein Kuch Nahi Bola
ओ मेरे भोले तू सबसे भोला
O Mere Bhole Tu Sabse Bhola
अमृत की बाट में कुछ नहीं बोला
Amrit Ki Baat Mein Kuch Nahi Bola
हे शिव त्रिलोचन, विष्णु भगवन नेत्र तुम्हे अर्पण करे
He Shiv Trilochan, Vishnu Bhagwan Netra Tumhe Arpan Kare
कमल नयनम नाम पाते सुदर्शन भी हैं धरे
Kamal Nayanam Naam Paate Sudarshan Bhi Hain Dhare
भृगु नंदना करे वंदना पाए पर्षा आपसे
Bhrigu Nandana Kare Vandana Paaye Parsha Aapse
दुष्ट पापी धरती छोड़ें परशुराम के ताप से।
Dusht Paapi Dharti Chhoden Parashuram Ke Taap Se.
निहार पे बैठे देखो सबको निहारे
Nihar Pe Baithe Dekho Sabko Nihare
स्वयं के अश्रुओं की माला सवारे
Swayam Ke Ashruon Ki Maala Savare
निहार पे बैठे देखो सबको निहारे
Nihar Pe Baithe Dekho Sabko Nihare
स्वयं के अश्रुओं की माला सवारे
Swayam Ke Ashruon Ki Maala Savare
ॐ नमः शिवाय हर हर भोले
Om Namah Shivaya Har Har Bhole
ॐ नमः शिवाय नमः शिवाय नमः शिवाय नमः शिवाय
Om Namah Shivaya Namah Shivaya Namah Shivaya Namah Shivaya
नमः शिवाय हर हर भोले नमः शिवाय
Namah Shivaya Har Har Bhole Namah Shivaya
बजरंग रूप को धर प्रभु लंका जलाई आपने
Bajrang Roop Ko Dhar Prabhu Lanka Jalai Aapne
दी अनल को उष्ण लपटें आपही के ताप ने
Dee Anal Ko Ushna Lapatan Aaphi Ke Taap Ne
कैलाश पे रहते हैं वो जो काल को समेटते
Kailash Pe Rahte Hain Vo Jo Kaal Ko Samet-te
नाश से बचाए धरती काली चरणन लेटत
Naash Se Bachaye Dharti Kaali Charanan Letat
सब सुख लैहि तुम्हारी सरना, तुम रक्षक काहू को डरना
Sab Sukh Laihi Tumhari Sarna, Tum Rakshak Kahu Ko Darna
सब सुख लैहि तुम्हारी सरना, तुम रक्षक काहू को डरना
Sab Sukh Laihi Tumhari Sarna, Tum Rakshak Kahu Ko Darna
लंकापति शम्भूगिरि उठाके मद में चूर था
Lankapati Shambhugiri Uthake Mad Mein Choor Tha
शिव के भीतर सारा जग ये ज्ञान से वो दूर था
Shiva Ke Bhitar Saara Jag Ye Gyan Se Vo Door Tha
काम पीड़ित कर सका महादेव को न बाण से
Kaam Peedit Kar Saka Mahadev Ko Na Baan Se
शिव काम को भस्म करते जब तपोबल ध्यान से
Shiva Kaam Ko Bhasma Karte Jab Tapobal Dhyan Se
मंगल भवन अमंगल हारी, संकट हारते भाव भय हारी
Mangal Bhavan Amangal Hari, Sankat Haarte Bhav Bhay Hari
मंगल भवन अमंगल hhhहारी, संकट हारते भाव भय हारी
Mangal Bhavan Amangal Hari, Sankat Haarte Bhav Bhay Hari
मंगल भवन अमंगल हारी, संकट हारते भाव भय हारी
Mangal Bhavan Amangal Hari, Sankat Haarte Bhav Bhay Hari
ॐ नमः शिवाय हर हर भोले — Video
निष्कर्ष
Agam Aggarwal का यह भजन भोलेनाथ को हर देव और हर अवतार से जोड़कर एक व्यापक दृष्टिकोण देता है — शिव सिर्फ कैलाशवासी योगी नहीं, बल्कि राम, कृष्ण और हनुमान की कथाओं में भी उतने ही मौजूद हैं। Aishwary Sharma के लिखे बोल इस भाव को सुंदर ढंग से पिरोते हैं। इसे सुनें, और शिव-भक्ति के इस विस्तृत रूप को महसूस करें। इस भजन को अपने शिवभक्त परिवार और मित्रों के साथ ज़रूर share करें। 🕉️ ॐ नमः शिवाय! हर हर भोले! 🔱हर नया भजन सबसे पहले पाएं
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