Ganesha Pancharatnam Full Hinglish Lyrics – Shreya Ghoshal | पञ्चरत्नम्

आदि शंकराचार्य — जिन्होंने सनातन धर्म को नई ऊँचाइयाँ दीं — उनकी रचित "गणेश पञ्चरत्नम्" यानी गणेश के पाँच रत्न। पाँच श्लोकों में गणेश जी के सम्पूर्ण स्वरूप का ऐसा वर्णन जो हजारों साल बाद भी उतना ही प्रासंगिक और शक्तिशाली है। और जब Shreya Ghoshal की वो दिव्य, कोमल और भावपूर्ण आवाज़ इन संस्कृत श्लोकों को गाती है — तो यह स्तोत्र एक नई ऊर्जा से जीवंत हो उठता है। Sameer Mhatre के मधुर संगीत और Varad Kathapurkar की बाँसुरी के साथ यह Ganesh Stotra एक अलौकिक भक्ति अनुभव बन जाता है। 



🙏 गणपति बप्पा मोरया!🙏


SONG DETAILS

Singer - Shreya Ghoshal
Author - Adi Shankaracharya
Music - Shreya Ghoshal & Kinjal Chatterjee

गणेश पञ्चरत्नम् – Ganesha Pancharatnam Lyrics in Sanskrit


॥ श्लोक १ ॥

मुदाकरात्त मोदकं सदा विमुक्ति साधकम् कलाधरावतंसकं विलासिलोक रक्षकम्। अनायकैक नायकं विनाशितेभ दैत्यकम् नताशुभाशु नाशकं नमामि तं विनायकम्॥

॥ श्लोक २ ॥

नतेतराति भीकरं नवोदितार्क भास्वरम् नमत्सुरारि निर्जरं नताधिकापदुद्ढरम्। सुरेश्वरं निधीश्वरं गजेश्वरं गणेश्वरम् महेश्वरं तमाश्रये परात्परं निरंतरम्॥

॥ श्लोक ३ ॥

समस्त लोक शंकरं निरस्त दैत्य कुंजरम् दरेतरोदरं वरं वरेभ वक्त्रमक्षरम्। कृपाकरं क्षमाकरं मुदाकरं यशस्करम् मनस्करं नमस्कृतां नमस्करोमि भास्वरम्॥

॥ श्लोक ४ ॥

अकिंचनार्ति मार्जनं चिरंतनोक्ति भाजनम् पुरारि पूर्व नंदनं सुरारि गर्व चर्वणम्। प्रपंच नाश भीषणं धनंजयादि भूषणम् कपोल दानवारणं भजे पुराण वारणम्॥

॥ श्लोक ५ ॥

नितांत कांति दंत कांति मंत कांति कात्मजम् अचिंत्य रूपमंत हीन मंतराय कृंतनम्। हृदंतरे निरंतरं वसंतमेव योगिनाम् तमेकदंतमेव तं विचिंतयामि संततम्॥

॥ फलश्रुति ॥

महागणेश पंचरत्नमादरेण योऽन्वहम् प्रजल्पति प्रभातके हृदि स्मरन् गणेश्वरम्। अरोगतामदोषतां सुसाहितीं सुपुत्रताम् समाहितायु रष्टभूति मभ्युपैति सोऽचिरात्॥

Ganesha Pancharatnam Lyrics in English (Transliteration)


॥ Shloka 1 ॥

Mudakaraatta Modakam Sada Vimukti Sadakam Kalaadharaavatasankam Vilaasi Loka Rakshakam। Anaayakaika Naayakam Vinaashitebha Daityakam Natashubhaashu Naashakam Namaami Tam Vinaayakam॥

॥ Shloka 2 ॥

Natetraati Bhiikaram Navoditaarka Bhasvaram Namatsurari Nirjaram Nataadhi Kaapadduddharam। Sureswaram Nidhiswaram Gajeswaram Ganeswaram Maheswaram Tamashraye Paraatparam Nirantaram॥

॥ Shloka 3 ॥

Samasta Loka Sankaram Nirasta Daitya Kunjaram Daretarodaram Varam Varebha Vaktramaksharam। Kripakaram Kshamakaram Mudakaram Yasaskaram Manaskaram Namaskritam Namaskaromi Bhasvaram॥

॥ Shloka 4 ॥

Akinchanarti Marjanam Chirantanokti Bhajanam Puraari Poorva Nandanam Suraari Garva Charvanam। Prapancha Naasa Bheeshanam Dhananjayaadi Bhooshanam Kapoladaana Vaaranam Bhaje Puraana Vaaranam॥

॥ Shloka 5 ॥

Nitanta Kaanti Danta Kaanti Manta Kaanti Kaatmajam Achintyaa Roopamanta Heenam Antaraaya Kritanam। Hridantare Nirantaram Vasantameva Yoginaam Tameka Dantameva Tam Vichintayaami Santatam॥

॥ Phala Shruti ॥

Mahaaganesha Pancharatnam Aadharena Yonvaham Prajalpaati Prabhaatake Hridi Smaran Ganeswaram। Arogataam Adoshataam Susaahiteem Suputrataam Samaahitaayu Rashtabhooti Mabhyupaiti So Achiraat॥

स्तोत्र का अर्थ – Ganesha Pancharatnam Meaning in Hindi


श्लोक १ — विनायक की वंदना: जो सदा प्रसन्नतापूर्वक मोदक धारण करते हैं, जो मुक्ति के साधक हैं, जो चंद्रमा को मस्तक पर धारण करते हैं, जो संसार के रक्षक हैं, जिन्होंने एकमात्र नेता बनकर गजदैत्य का विनाश किया — ऐसे विनायक को मैं नमन करता हूँ।

श्लोक २ — महेश्वर की आराधना: जो अपने भक्तों के अतिरिक्त शत्रुओं के लिए भयंकर हैं, जो नवोदित सूर्य के समान दीप्तिमान हैं, जो देवताओं के शत्रुओं के अभिमान को नष्ट करते हैं — उन सुरेश्वर, निधीश्वर, गजेश्वर, गणेश्वर और महेश्वर का मैं निरंतर आश्रय लेता हूँ।

श्लोक ३ — कृपा की प्रार्थना: जो सम्पूर्ण लोकों का कल्याण करते हैं, जो हाथी जैसे मुख वाले हैं, जो कृपा, क्षमा, आनंद और यश देने वाले हैं — उन दीप्तिमान गणेश को मैं बारंबार नमन करता हूँ।

श्लोक ४ — पुराण वारण की भक्ति: जो असहाय भक्तों के कष्ट दूर करते हैं, जो शिव के पुत्र हैं, जो दैत्यों के अहंकार को चूर करते हैं — उन पुराणों में वर्णित हाथी के समान महाकाय गणेश जी की मैं भक्ति करता हूँ।

श्लोक ५ — एकदंत की उपासना: जिनके दाँत अत्यंत कांतिमान हैं, जिनका स्वरूप अचिंत्य और अनंत है, जो योगियों के हृदय में निरंतर निवास करते हैं — उन एकदंत गणेश जी का मैं सदा चिंतन करता हूँ।

फलश्रुति: जो व्यक्ति प्रतिदिन प्रातःकाल इन महागणेश पञ्चरत्न का आदरपूर्वक पाठ करता है — वह शीघ्र ही नीरोगता, दोषमुक्ति, उत्तम संतान, दीर्घायु और अष्ट ऐश्वर्य को प्राप्त करता है।

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Sanskrit Ganesh Pancharatnam Stotra - Adi Shankaracharya



[OUTRO]

"गणेश पञ्चरत्नम्" — आदि शंकराचार्य का यह अनमोल स्तोत्र हजारों वर्षों से गणेश भक्तों की आत्मा को पोषित करता आया है। और जब Shreya Ghoshal जैसी दिव्य आवाज़ इसे गाती है — तो यह स्तोत्र और भी जीवंत हो उठता है। इसे प्रतिदिन प्रातःकाल सुनें और पाठ करें — फलश्रुति के अनुसार आपके जीवन में सुख, समृद्धि और आरोग्य का आगमन होगा। इसे अपने परिवार और गणेश भक्त मित्रों के साथ ज़रूर share करें। 🙏 गणपति बप्पा मोरया! जय गणेश!