बुधवार का दिन गणपति बप्पा की भक्ति के लिए सबसे शुभ माना जाता है, और इसी भाव को समेटे हुए है यह भजन "सिद्धिविनायक जय गणपति"। भक्ति संगीत के जाने-माने गायक लखबीर सिंह लक्खा की दमदार आवाज़ में गाया गया यह भजन आज हर गणेश चतुर्थी और बुधवार पूजा में बजता सुनाई देता है। यह भजन उनके एल्बम "गणपति पधारो" (2022) का हिस्सा है, जिसे टी-सीरीज़ भक्ति सागर के बैनर तले रिलीज़ किया गया था।
"त्रिकाल ज्ञाता, मंगल के दाता" — गणपति बप्पा को भूत, वर्तमान और भविष्य — तीनों कालों के ज्ञाता और हर मंगल कार्य के दाता के रूप में वर्णित किया गया है।
"संग में विराजत ऋद्धि-सिद्धि" — गणेश जी के साथ सदा ऋद्धि (समृद्धि) और सिद्धि (सफलता) विराजमान रहती हैं — यानी उनकी भक्ति से दोनों की प्राप्ति संभव है।
🙏 सिद्धिविनायक जय गणपति! गणपती बाप्पा मोरया! 🐘
🎵 SONG DETAILS
Singer — Lakhbir Singh Lakkha
Lyrics — Saral Kabi
Music — Durga-Natraj
Album — Ganpati Padharo (2022), T-Series Bhakti Sagar
Singer — Lakhbir Singh Lakkha
Lyrics — Saral Kabi
Music — Durga-Natraj
Album — Ganpati Padharo (2022), T-Series Bhakti Sagar
सिद्धिविनायक जय गणपति — भजन के भाव
यह भजन एक कॉपीराइट प्राप्त, आधुनिक रचना है (गीतकार: सरल कवि, संगीत: दुर्गा-नटराज), इसलिए हम यहाँ पूरे मूल बोल नहीं दे रहे। नीचे भजन के मुख्य भाव और थीम दी गई है — पूरे लिखित बोल के लिए वीडियो के साथ गाएं या नीचे दिए गए लिरिक्स स्रोत पर जाएं।
भजन की शुरुआत गणपति बप्पा को "सिद्धिविनायक" — यानी हर सिद्धि और मंगल कार्य के अधिष्ठाता — कहकर की गई है। भक्त उन्हें त्रिकालज्ञ, मंगलकर्ता और हर संकट-विघ्न को दूर करने वाला बताते हुए उनकी आरती गाने का संकल्प लेता है।
भजन की शुरुआत गणपति बप्पा को "सिद्धिविनायक" — यानी हर सिद्धि और मंगल कार्य के अधिष्ठाता — कहकर की गई है। भक्त उन्हें त्रिकालज्ञ, मंगलकर्ता और हर संकट-विघ्न को दूर करने वाला बताते हुए उनकी आरती गाने का संकल्प लेता है।
सिद्धिविनायक जय गणपति गाएं सदा तेरी आरत — Lyrics in Hindi
॥ मुखड़ा ॥
जय हो सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
हो त्रिकाल ज्ञाता मंगल के दाता, संकट विघ्न दूर कर्त्ता सभी
सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
॥ अंतरा १ ॥
शंकर सुवन दाता पार्वतीनंदन, शंकर सुवन दाता पार्वतीनंदन
हे गणराय महाकाय गजानन, हे गणराय महाकाय gajanand
संग में विराजत रिद्धि सिद्धि, गाएं सदा तेरी आरती
संग में विराजत रिद्धि सिद्धि, गाएं सदा तेरी आरती
सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
॥ अंतरा २ ॥
जय हो शीश मुकुट सोहे एक दंत धारी, शीश मुकुट सोहे एक दंत धारी
वक्रतुंड चंद्रभान दीनन हितकारी, वक्रतुंड चंद्रभान दीनन हितकारी
महिमा जो गाए पाए नव निधि, गाएं सदा तेरी आरती
महिमा जो गाए पाए नव निधि, गाएं सदा तेरी आरती
जय हो सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
॥ अंतरा ३ ॥
चंदन चौकी पे आसन लगाया, चंदन चौकी पे आसन लगाया
मूषक वाहन अद्भुत है काया, मूषक वाहन अद्भुत है काया
पूजे तुझे देव जोगी यति, गाएं सदा तेरी आरती
पूजे तुझे देव जोगी यति, गाएं सदा तेरी आरती
जय हो सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
॥ अंतरा ४ ॥
धूप दीप नैवेद्य पान फूल माला, धूप दीप नैवेद्य पान फूल माला
लक्खा पे दया करो पार्वतीलाला, हम पे दया करो पार्वतीलाला
आया शरण है सरल मनमती, गाएं सदा तेरी आरती
आया शरण है सरल मनमती, गाएं सदा तेरी आरती
जय हो सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
हो त्रिकाल ज्ञाता मंगल के दाता, संकट विघ्न दूर करना सभी
सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
॥ अंतरा ५ (समाप्ति) ॥
जय हो... सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
हे सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
जय हो... सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
जय हो... सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
जय हो... सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
जय हो सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
हो त्रिकाल ज्ञाता मंगल के दाता, संकट विघ्न दूर कर्त्ता सभी
सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
॥ अंतरा १ ॥
शंकर सुवन दाता पार्वतीनंदन, शंकर सुवन दाता पार्वतीनंदन
हे गणराय महाकाय गजानन, हे गणराय महाकाय gajanand
संग में विराजत रिद्धि सिद्धि, गाएं सदा तेरी आरती
संग में विराजत रिद्धि सिद्धि, गाएं सदा तेरी आरती
सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
॥ अंतरा २ ॥
जय हो शीश मुकुट सोहे एक दंत धारी, शीश मुकुट सोहे एक दंत धारी
वक्रतुंड चंद्रभान दीनन हितकारी, वक्रतुंड चंद्रभान दीनन हितकारी
महिमा जो गाए पाए नव निधि, गाएं सदा तेरी आरती
महिमा जो गाए पाए नव निधि, गाएं सदा तेरी आरती
जय हो सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
॥ अंतरा ३ ॥
चंदन चौकी पे आसन लगाया, चंदन चौकी पे आसन लगाया
मूषक वाहन अद्भुत है काया, मूषक वाहन अद्भुत है काया
पूजे तुझे देव जोगी यति, गाएं सदा तेरी आरती
पूजे तुझे देव जोगी यति, गाएं सदा तेरी आरती
जय हो सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
॥ अंतरा ४ ॥
धूप दीप नैवेद्य पान फूल माला, धूप दीप नैवेद्य पान फूल माला
लक्खा पे दया करो पार्वतीलाला, हम पे दया करो पार्वतीलाला
आया शरण है सरल मनमती, गाएं सदा तेरी आरती
आया शरण है सरल मनमती, गाएं सदा तेरी आरती
जय हो सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
हो त्रिकाल ज्ञाता मंगल के दाता, संकट विघ्न दूर करना सभी
सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
॥ अंतरा ५ (समाप्ति) ॥
जय हो... सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
हे सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
जय हो... सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
जय हो... सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
जय हो... सिद्धिविनायक जय गणपति, गाएं सदा तेरी आरती
Siddhivinayak Jai Ganpati — Lyrics in English (Roman)
॥ Mukhda ॥
Jai ho siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Ho trikal gyata mangal ke data, Sankat vighan dur kartta sabhi
Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
॥ Antara 1 ॥
Shankar suvan data parvatinandan, Shankar suvan data parvatinandan
He ganaray mahakay gajanan, He ganaray mahakay gajanan
Sang mein virajat ridhi siddhi, Gaaye sada teri aarti
Sang mein virajat ridhi siddhi, Gaaye sada teri aarti
Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
॥ Antara 2 ॥
Jai ho sheesh mukut sohe ek dant dhari, Sheesh mukut sohe ek dant dhari
Vakratund chandrabhan deenan hitakari, Vakratund chandrabhan deenan hitakari
Mahima jo gae pae nav nidhi, Gaaye sada teri aarti
Mahima jo gae pae nav nidhi, Gaaye sada teri aarti
Jai ho siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
॥ Antara 3 ॥
Chandan chaukipe asan lagaya, Chandan chaukipe asan lagaya
Mushak vahan adbhut hai kaya, Mushak vahan adbhut hai kaya
Puje tujhe deva jogiyati, Gaaye sada teri aarti
Puje tujhe deva jogiyati, Gaaye sada teri aarti
Jai ho siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
॥ Antara 4 ॥
Dhup deep naivedy pan phul mala, Dhup deep naivedy pan phul mala
Lakkha pe daya karo parvatilala, Ham pe daya karo parvatilala
Aya sharan hai saral manamati, Gaaye sada teri aarti
Aya sharan hai saral manamati, Gaaye sada teri aarti
Jai ho siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Ho trikal gyata mangal ke data, Sankat vighn dur karana sabhi
Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
॥ Antara 5 (Ending) ॥
Jai ho... Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
He siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Jai ho... Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Jai ho... Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Jai ho... Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Jai ho siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Ho trikal gyata mangal ke data, Sankat vighan dur kartta sabhi
Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
॥ Antara 1 ॥
Shankar suvan data parvatinandan, Shankar suvan data parvatinandan
He ganaray mahakay gajanan, He ganaray mahakay gajanan
Sang mein virajat ridhi siddhi, Gaaye sada teri aarti
Sang mein virajat ridhi siddhi, Gaaye sada teri aarti
Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
॥ Antara 2 ॥
Jai ho sheesh mukut sohe ek dant dhari, Sheesh mukut sohe ek dant dhari
Vakratund chandrabhan deenan hitakari, Vakratund chandrabhan deenan hitakari
Mahima jo gae pae nav nidhi, Gaaye sada teri aarti
Mahima jo gae pae nav nidhi, Gaaye sada teri aarti
Jai ho siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
॥ Antara 3 ॥
Chandan chaukipe asan lagaya, Chandan chaukipe asan lagaya
Mushak vahan adbhut hai kaya, Mushak vahan adbhut hai kaya
Puje tujhe deva jogiyati, Gaaye sada teri aarti
Puje tujhe deva jogiyati, Gaaye sada teri aarti
Jai ho siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
॥ Antara 4 ॥
Dhup deep naivedy pan phul mala, Dhup deep naivedy pan phul mala
Lakkha pe daya karo parvatilala, Ham pe daya karo parvatilala
Aya sharan hai saral manamati, Gaaye sada teri aarti
Aya sharan hai saral manamati, Gaaye sada teri aarti
Jai ho siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Ho trikal gyata mangal ke data, Sankat vighn dur karana sabhi
Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
॥ Antara 5 (Ending) ॥
Jai ho... Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
He siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Jai ho... Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Jai ho... Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
Jai ho... Siddhivinayak Jai ganapati, Gaaye sada teri aarti
आगे के अंतरों में गणेश जी के पारंपरिक स्वरूप का वर्णन है — पार्वती के लाडले पुत्र, शिव के पुत्र, गजानन और महाकाय — साथ ही उनके साथ सदा विराजमान ऋद्धि-सिद्धि का उल्लेख भी है। भजन में गणेश जी को "शीश मुकुट सोहे, एक दंत धारी" कहकर उनके प्रसिद्ध रूप का बखान किया गया है, और अंत में भक्त उनसे यही प्रार्थना करता है कि जो कोई श्रद्धा से उनकी आरती गाए, उसके सारे संकट-विघ्न दूर हो जाएं।
यह भजन बुधवार की नियमित पूजा और गणेश चतुर्थी उत्सव — दोनों के लिए उतना ही उपयुक्त है, और इसकी धुन इसे घर की पूजा से लेकर पंडाल तक हर जगह लोकप्रिय बनाती है।
यह भजन बुधवार की नियमित पूजा और गणेश चतुर्थी उत्सव — दोनों के लिए उतना ही उपयुक्त है, और इसकी धुन इसे घर की पूजा से लेकर पंडाल तक हर जगह लोकप्रिय बनाती है।
भजन का अर्थ – मुख्य पंक्तियों की व्याख्या
"सिद्धिविनायक जय गणपति" — गणेश जी को हर सिद्धि (सफलता) के दाता के रूप में नमन किया गया है — जो भी शुभ कार्य शुरू करना हो, सबसे पहले उन्हीं की आराधना होती है।"त्रिकाल ज्ञाता, मंगल के दाता" — गणपति बप्पा को भूत, वर्तमान और भविष्य — तीनों कालों के ज्ञाता और हर मंगल कार्य के दाता के रूप में वर्णित किया गया है।
"संग में विराजत ऋद्धि-सिद्धि" — गणेश जी के साथ सदा ऋद्धि (समृद्धि) और सिद्धि (सफलता) विराजमान रहती हैं — यानी उनकी भक्ति से दोनों की प्राप्ति संभव है।
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Siddhivinayak Jai Ganpati HD Video
निष्कर्ष
लखबीर सिंह लक्खा की भावपूर्ण आवाज़ में "सिद्धिविनायक जय गणपति" गणपति बप्पा की भक्ति में डूब जाने वाला भजन है। चाहे बुधवार की पूजा हो या गणेश चतुर्थी का उत्सव, यह भजन हर गणेश भक्त के घर में गूंजने लायक है। इसे अपने परिवार के साथ ज़रूर सुनें और साझा करें। 🙏 गणपती बाप्पा मोरया! 🐘हर नया भजन सबसे पहले पाएं
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