सिंह पर सवार होकर आने वाली जगत की तारणहार माँ का यह भावपूर्ण आह्वान भक्त के हृदय की हर व्याकुलता को शब्द देता है। Amrita Chaturvedi Upadhyay की मधुर आवाज़ में "हे जगतारिणि शोकनिवारिणि" माँ दुर्गा के अनेक रूपों — काली, दक्षसुता, शंभुप्रिया सती, पाटेश्वरी, शीतला, चिंतपूर्णी, वैष्णो — को एक साथ स्मरण करते हुए भक्त की सीधी, मार्मिक विनती है। Sanand Sargam के लिखे बोल और Rohit Kumar (Bobby) के संगीत के साथ यह भजन माँ के प्रति संपूर्ण समर्पण और भरोसे का सुंदर उदाहरण है।
भजन आगे माँ के अनेक रूपों को एक साथ नमन करता है — दुर्गा, काली, दक्षसुता, शंभुप्रिया सती, ज्वालामुखी, पाटेश्वरी, शीतला, चिंतपूर्णी, वैष्णो — यह दिखाता है कि सभी शक्तिपीठों में एक ही शक्ति विराजमान है। भजन बताता है कि माँ के तेज से ही सूर्य और चंद्रमा को प्रकाश मिलता है, और उनके मुस्कुराने मात्र से सूखे फूल भी खिल उठते हैं।
भजन का सबसे मार्मिक भाग वह है जहाँ भक्त माँ से अपने रिश्ते की दुहाई देता है — "नाता अटूट है माँ और बेटे का, यह नाता तोड़ न देना।" वह स्वीकार करता है कि उसकी भक्ति और ध्यान पूर्ण नहीं है, फिर भी माँ से मुँह न मोड़ने की विनती करता है। अंत में भक्त कहता है कि वह जीवन के मझधार में फंसा है, और माँ से उसकी नैया पार लगाने तथा शरणागत की रक्षा करने की प्रार्थना करता है।
माँ के अनेक रूप, एक शक्ति: दुर्गा, काली, शीतला, चिंतपूर्णी, वैष्णो — भजन सभी शक्तिपीठों को एक ही देवी का रूप मानते हुए नमन करता है।
मां-बेटे का अटूट नाता: भजन का सबसे भावुक हिस्सा भक्त की उस विनती में है जहाँ वह माँ से इस रिश्ते को कभी न तोड़ने की प्रार्थना करता है।
मझधार से पार लगाने की प्रार्थना: भजन के अंत में भक्त जीवन की कठिनाइयों से उबारने और शरणागत की रक्षा करने की विनती करता है।
🙏 जय माता दी! हे जगतारिणि शोकनिवारिणि! 🔥
🎵 SONG DETAILS
Bhajan — He Jagatarini Shokanivarini
Singer — Amrita Chaturvedi Upadhyay
Lyrics — Sanand Sargam
Music — Rohit Kumar (Bobby)
Category — Maa Durga Bhajan
Bhajan — He Jagatarini Shokanivarini
Singer — Amrita Chaturvedi Upadhyay
Lyrics — Sanand Sargam
Music — Rohit Kumar (Bobby)
Category — Maa Durga Bhajan
हे जगतारिणि शोकनिवारिण — Durga Lyrics in Hindi
हे जगतारिणि शोकनिवारिणि सिंह सवारी को साजके आओ।
श्रद्धा का पुष्प बिछा है मां राह में सेवा को मेरे सौभाग्य बनाओ।।
है रूखा सूखा जो पुत्र के हाथ में प्रेम से मां उसे भोग लगाओ।
प्यासे हैं नैन मां दर्श को तेरे कृपा की छवी एक बार दिखाओ।।
रूप अनेक हैं मैय्या तुम्हारे दुर्गा तुम्हीं और हो तुम्हीं काली।
दक्षसुता तुम्हीं शंभुप्रिया सती हो तुम ही जग की रखवाली।।
झोली फैलाके जो आया है द्वार पे भक्त वो मात गया नहीं खाली।
धर्म की ज्योति तुम्हीं से प्रकाशित कोटि प्रणाम तुम्हें जोतावाली।।
पाटन की तुम ही हो पाटेश्वरी मां शीतला तुम दंत कुमारी।
चिंतानिवारिणि मां चिंतपूर्णी हो देवी मनसा मैय्या वैष्णो प्यारी।।
सब शक्तिपीठों में शक्ति है एक ही मां अद्भुत बड़ी लीला तुम्हारी।
देव त्रिदेव करें जयकार सुनो विनती जगदंब हमारी।।
हे महादेवी तुम्हारे ही तेज से सूर्य शशी सब तेज हैं पाते।
सागर पखारके हे अंबिका हैं मन में अतिशय हर्षाते।।
तुम हंसके जब देखती हो तो सूखे हुए गुल भी खिल जाते।
शेष सहस्र मुखों से कहें यश वेद तो भाव से शीश झुकाते।।
मंगलकारिणि संकटहारिणि पाप पिशाच को मार भगाओ।
जैसे मिटाती हो दुष्ट जनों को मां वैसे मेरे दुःख दोष मिटाओ।।
सिद्धियों की हो भण्डार भवानी मेरे बिगड़े सब काज बनाओ।
नाम जपूं निसि वासर तेरा ही भक्ति दे मां भ्रम फंद छुड़ाओ।।
श्रीधर सा अनुराग नहीं है ये सोचके मैय्या जी छोड़ न देना।
नाता अटूट है मां और बेटे का नाता ये मैय्या जी तोड़ न देना।।
ध्यानू सा ध्यान नहीं कर पाया मैं हूं भटका मुंह मोड़ न लेना।
जैसे भी हूं अब दास हूं तेरा मैं आस की पोटलि फोड़ न देना।।
पूजा में नित्य चढ़े चरणों में जो फूल बनादो मुझे वो मैय्या।
दृष्टि करो अपने इस दास पे चाहता हूं चरणों की मैं छैय्या।।
आज फंसा मझधार में हूं मैं मां आके निकालो मेरी अब नैय्या।
रक्षा करो शरणागत की सर्वेश्वरी दीन की लाज बचैय्या।।
श्रद्धा का पुष्प बिछा है मां राह में सेवा को मेरे सौभाग्य बनाओ।।
है रूखा सूखा जो पुत्र के हाथ में प्रेम से मां उसे भोग लगाओ।
प्यासे हैं नैन मां दर्श को तेरे कृपा की छवी एक बार दिखाओ।।
रूप अनेक हैं मैय्या तुम्हारे दुर्गा तुम्हीं और हो तुम्हीं काली।
दक्षसुता तुम्हीं शंभुप्रिया सती हो तुम ही जग की रखवाली।।
झोली फैलाके जो आया है द्वार पे भक्त वो मात गया नहीं खाली।
धर्म की ज्योति तुम्हीं से प्रकाशित कोटि प्रणाम तुम्हें जोतावाली।।
पाटन की तुम ही हो पाटेश्वरी मां शीतला तुम दंत कुमारी।
चिंतानिवारिणि मां चिंतपूर्णी हो देवी मनसा मैय्या वैष्णो प्यारी।।
सब शक्तिपीठों में शक्ति है एक ही मां अद्भुत बड़ी लीला तुम्हारी।
देव त्रिदेव करें जयकार सुनो विनती जगदंब हमारी।।
हे महादेवी तुम्हारे ही तेज से सूर्य शशी सब तेज हैं पाते।
सागर पखारके हे अंबिका हैं मन में अतिशय हर्षाते।।
तुम हंसके जब देखती हो तो सूखे हुए गुल भी खिल जाते।
शेष सहस्र मुखों से कहें यश वेद तो भाव से शीश झुकाते।।
मंगलकारिणि संकटहारिणि पाप पिशाच को मार भगाओ।
जैसे मिटाती हो दुष्ट जनों को मां वैसे मेरे दुःख दोष मिटाओ।।
सिद्धियों की हो भण्डार भवानी मेरे बिगड़े सब काज बनाओ।
नाम जपूं निसि वासर तेरा ही भक्ति दे मां भ्रम फंद छुड़ाओ।।
श्रीधर सा अनुराग नहीं है ये सोचके मैय्या जी छोड़ न देना।
नाता अटूट है मां और बेटे का नाता ये मैय्या जी तोड़ न देना।।
ध्यानू सा ध्यान नहीं कर पाया मैं हूं भटका मुंह मोड़ न लेना।
जैसे भी हूं अब दास हूं तेरा मैं आस की पोटलि फोड़ न देना।।
पूजा में नित्य चढ़े चरणों में जो फूल बनादो मुझे वो मैय्या।
दृष्टि करो अपने इस दास पे चाहता हूं चरणों की मैं छैय्या।।
आज फंसा मझधार में हूं मैं मां आके निकालो मेरी अब नैय्या।
रक्षा करो शरणागत की सर्वेश्वरी दीन की लाज बचैय्या।।
He jagatarini shokanivarini — Durga English Text Lyrics
He jagatarini shokanivarini simha savari ko sajake aao.
Shraddha ka pushpa bicha hai maa raah mein seva ko mere saubhagya banao..
Hai rookha sookha jo putra ke haath mein prem se maa use bhog lagao.
Pyase hain nain maa darsh ko tere kripa ki chhavi ek baar dikhao..
Roop anek hain maiyya tumhare Durga tumheen aur ho tumheen Kali.
Daksha suta tumheen Shambhu priya Sati ho tum hi jag ki rakhvali..
Jholi phailake jo aaya hai dwar pe bhakt wo maat gaya nahin khali.
Dharm ki jyoti tumheen se prakashit koti pranam tumhein jotavali..
Patan ki tum hi ho Pateshwari maa Sheetala tum Dant Kumari.
Chintanivarini maa Chintpurni ho Devi Mansa maiyya Vaishno pyari..
Sab shaktipeethon mein shakti hai ek hi maa adbhut badi leela tumhari.
Dev tridev karein jayakaar suno vinti Jagadamb hamari..
He mahadevi tumhare hi tej se surya shashi sab tej hain pate.
Sagar pakharake he Ambika hain man mein atishay harshate..
Tum hansake jab dekhti ho to sukhe hue gul bhi khil jate.
Shesh sahasra mukhon se kahein yash ved to bhav se sheesh jhukate..
Mangalkarini sankatharini paap pishach ko maar bhagao.
Jaise mitati ho dusht janon ko maa vaise mere dukh dosh mitao..
Siddhiyon ki ho bhandar Bhavani mere bigde sab kaaj banao.
Naam japoon nisi vasar tera hi bhakti de maa bhram phand chhudao..
Shridhar sa anuraag nahin hai ye sochke maiyya ji chhod na dena.
Naata atoot hai maa aur bete ka naata ye maiyya ji tod na dena..
Dhyanu sa dhyan nahin kar paya main hoon bhatka munh mod na lena.
Jaise bhi hoon ab daas hoon tera main aas ki potali phod na dena..
Pooja mein nitya chadhe charnon mein jo phool banado mujhe wo maiyya.
Drishti karo apne is daas pe chahta hoon charnon ki main chhaiyya..
Aaj phansa majhdhaar mein hoon main maa aake nikalo meri ab naiyya.
Raksha karo sharanagat ki Sarveshwari deen ki laaj bachaiyya..
Shraddha ka pushpa bicha hai maa raah mein seva ko mere saubhagya banao..
Hai rookha sookha jo putra ke haath mein prem se maa use bhog lagao.
Pyase hain nain maa darsh ko tere kripa ki chhavi ek baar dikhao..
Roop anek hain maiyya tumhare Durga tumheen aur ho tumheen Kali.
Daksha suta tumheen Shambhu priya Sati ho tum hi jag ki rakhvali..
Jholi phailake jo aaya hai dwar pe bhakt wo maat gaya nahin khali.
Dharm ki jyoti tumheen se prakashit koti pranam tumhein jotavali..
Patan ki tum hi ho Pateshwari maa Sheetala tum Dant Kumari.
Chintanivarini maa Chintpurni ho Devi Mansa maiyya Vaishno pyari..
Sab shaktipeethon mein shakti hai ek hi maa adbhut badi leela tumhari.
Dev tridev karein jayakaar suno vinti Jagadamb hamari..
He mahadevi tumhare hi tej se surya shashi sab tej hain pate.
Sagar pakharake he Ambika hain man mein atishay harshate..
Tum hansake jab dekhti ho to sukhe hue gul bhi khil jate.
Shesh sahasra mukhon se kahein yash ved to bhav se sheesh jhukate..
Mangalkarini sankatharini paap pishach ko maar bhagao.
Jaise mitati ho dusht janon ko maa vaise mere dukh dosh mitao..
Siddhiyon ki ho bhandar Bhavani mere bigde sab kaaj banao.
Naam japoon nisi vasar tera hi bhakti de maa bhram phand chhudao..
Shridhar sa anuraag nahin hai ye sochke maiyya ji chhod na dena.
Naata atoot hai maa aur bete ka naata ye maiyya ji tod na dena..
Dhyanu sa dhyan nahin kar paya main hoon bhatka munh mod na lena.
Jaise bhi hoon ab daas hoon tera main aas ki potali phod na dena..
Pooja mein nitya chadhe charnon mein jo phool banado mujhe wo maiyya.
Drishti karo apne is daas pe chahta hoon charnon ki main chhaiyya..
Aaj phansa majhdhaar mein hoon main maa aake nikalo meri ab naiyya.
Raksha karo sharanagat ki Sarveshwari deen ki laaj bachaiyya..
भजन का भाव — हे जगतारिणि शोकनिवारिणि
भजन की शुरुआत माँ दुर्गा को सिंह-सवारी सजाकर आने का आमंत्रण देते हुए होती है — भक्त ने श्रद्धा के पुष्प राह में बिछा दिए हैं और सेवा को अपना सौभाग्य मानता है। वह विनती करता है कि पुत्र के हाथ में जो कुछ भी रूखा-सूखा हो, माँ उसे प्रेम से स्वीकार कर लें, और उनकी कृपा-भरी छवि एक बार दिखा दें, क्योंकि उनके दर्शन के लिए नैन प्यासे हैं।भजन आगे माँ के अनेक रूपों को एक साथ नमन करता है — दुर्गा, काली, दक्षसुता, शंभुप्रिया सती, ज्वालामुखी, पाटेश्वरी, शीतला, चिंतपूर्णी, वैष्णो — यह दिखाता है कि सभी शक्तिपीठों में एक ही शक्ति विराजमान है। भजन बताता है कि माँ के तेज से ही सूर्य और चंद्रमा को प्रकाश मिलता है, और उनके मुस्कुराने मात्र से सूखे फूल भी खिल उठते हैं।
भजन का सबसे मार्मिक भाग वह है जहाँ भक्त माँ से अपने रिश्ते की दुहाई देता है — "नाता अटूट है माँ और बेटे का, यह नाता तोड़ न देना।" वह स्वीकार करता है कि उसकी भक्ति और ध्यान पूर्ण नहीं है, फिर भी माँ से मुँह न मोड़ने की विनती करता है। अंत में भक्त कहता है कि वह जीवन के मझधार में फंसा है, और माँ से उसकी नैया पार लगाने तथा शरणागत की रक्षा करने की प्रार्थना करता है।
भजन के मुख्य भाव — एक नज़र में
सिंह-सवारी का आमंत्रण: भक्त श्रद्धा के फूल बिछाकर माँ को अपने द्वार आने का निमंत्रण देता है।माँ के अनेक रूप, एक शक्ति: दुर्गा, काली, शीतला, चिंतपूर्णी, वैष्णो — भजन सभी शक्तिपीठों को एक ही देवी का रूप मानते हुए नमन करता है।
मां-बेटे का अटूट नाता: भजन का सबसे भावुक हिस्सा भक्त की उस विनती में है जहाँ वह माँ से इस रिश्ते को कभी न तोड़ने की प्रार्थना करता है।
मझधार से पार लगाने की प्रार्थना: भजन के अंत में भक्त जीवन की कठिनाइयों से उबारने और शरणागत की रक्षा करने की विनती करता है।
🙏 और मैया के भजन पढ़ें
हे जगतारिणि शोकनिवारिणि — Video
Amrita Chaturvedi Upadhyay Version