Tere Dar Pe Sar Jhukaya Bhajan Lyrics – Lakhbir Singh Lakkha

जब दुनिया का मोह-माया मन को घेर ले, जब हर तरफ से थके हुए पैर बस एक ही दर की तलाश करें — तब शेरोंवाली माँ का दरबार ही सहारा है। Lakhbir Singh Lakkha की गहरी, तड़प भरी आवाज़ में "तेरे दर पे सर झुकाया" उस भक्त की पुकार है जो माँ के चरणों में अपना संपूर्ण जीवन अर्पण कर देना चाहता है। Guru Ji Ram Lal Sharma, Saral Kavi और Shyam Sundar Ji Sharma के लिखे बोल और Durga-Natraj के संगीत के साथ यह भजन 1998 से ही नवरात्रि और मैया के दरबार में गाया जाने वाला एक कालजयी भजन बना हुआ है।
🙏 जय माता दी! जय शेरोंवाली माँ! 🔥
🎵 SONG DETAILS

Singer — Lakhbir Singh Lakkha
Lyrics — Guru Ji Ram Lal Sharma, Saral Kavi, Shyam Sundar Ji Sharma
Music — Durga-Natraj
Album — Beta Bulaye (1998)
Label — T-Series

तेरे दर पे सर झुकाया — Lyrics in Hindi

॥ प्रारंभ ॥

बड़ी किस्मत वाला है वो
झुकाता सर जो माँ के दर पे
बड़ी किस्मत वाला वो सर है
है माँ का हाथ जिस सर पे

बड़ा अच्छा हुआ होता
जो माँ का दर पहले अगर मिलता
ये लक्खा ठोकरें खाता हुआ
फिर दर दर नहीं मिलता

॥ भक्ति भाव ॥
जिस सर पर माँ का हाथ हो, उससे बड़ी किस्मत और कुछ नहीं — बस यही एक विनती हर भक्त के मन में रहती है।
॥ मुखड़ा ॥

तेरे दर पे सर झुकाया हो
तुझे हर दुख में हम पुकारें
बस जी रहे हैं मैया
तेरे नाम के सहारे
तेरे नाम के सहारे
माँ तेरे नाम के सहारे
तेरे दर पे सर झुकाया

॥ अंतरा १ ॥

चरणों के पास अपने
रहने दो मैया मुझको
चरणों के पास अपने
रहने दो मैया मुझको
जीवन गुजार दूंगा
जीवन गुजार दूंगा
सेवा में माँ तुम्हारे
सेवा में माँ तुम्हारे
तेरे दर पे सर झुकाया

॥ भक्ति भाव ॥
भक्त कुछ बड़ा नहीं माँगता — बस माँ के चरणों में सेवा करते हुए बाकी जीवन गुजार देने की विनती करता है।
॥ अंतरा २ ॥

दुनिया की मोह माया
घेरे है मुझको आकर
दुनिया की मोह माया
घेरे है मुझको आकर
इस दुःख से शेरोंवाली
इस दुःख से शेरोंवाली
तू ही मुझे उबारे
तू ही मुझे उबारे
माँ तू ही मुझे उबारे
तेरे दर पे सर झुकाया

॥ भक्ति भाव ॥
संसार का मोह-माया हर किसी को घेरता है — पर भक्त जानता है कि शेरोंवाली माँ के सिवा इससे उबारने वाला कोई और नहीं।
॥ अंतरा ३ ॥

इक आस कर दो पूरी
शर्मा की मेरी मैया
इक आस कर दो पूरी
शर्मा की मेरी मैया
इक आस कर दो पूरी
लक्खा तड़प रहा है
लक्खा तड़प रहा है
दर्शन बिना तुम्हारे
दर्शन बिना तुम्हारे
दर्शन बिना तुम्हारे

तेरे दर पे सर झुकाया हो
तुझे हर दुख में हम पुकारें
बस जी रहे हैं मैया
तेरे नाम के सहारे
तेरे नाम के सहारे
माँ तेरे नाम के सहारे
तेरे दर पे सर झुकाया
Bas jee rahe hain maiya Bhajan T-Series

Tere Dar Pe Sar Jhukaya — Lyrics in English (Roman)

Badi kismat wala hai woh
Jhukata sar jo maa ke dar pe
Badi kismat wala woh sar hai
Hai maa ka haath jis sar pe

Bada achcha hua hota
Jo maa ka dar pehle agar milta
Ye Lakkha thokarein khaata hua
Phir dar dar nahi milta

Tere dar pe sar jhukaya ho
Tujhe har dukh mein hum pukaare
Bas jee rahe hain maiya
Tere naam ke sahaare
Tere naam ke sahaare
Maa tere naam ke sahaare
Tere dar pe sar jhukaya

Charno ke paas apne
Rehne do maiya mujhko
Charno ke paas apne
Rehne do maiya mujhko
Jeevan gujaar dunga
Jeevan gujaar dunga
Seva mein maa tumhare
Seva mein maa tumhare
Tere dar pe sar jhukaya

Duniya ki moh maaya
Ghere hai mujhko aakar
Duniya ki moh maaya
Ghere hai mujhko aakar
Is dukh se sheronwali
Is dukh se sheronwali
Tu hi mujhe ubaare
Tu hi mujhe ubaare
Maa tu hi mujhe ubaare
Tere dar pe sar jhukaya

Ik aas kardo poori
Sharma ki meri maiya
Ik aas kardo poori
Sharma ki meri maiya
Ik aas kardo poori
Lakkha tadap raha hai
Lakkha tadap raha hai
Darshan bina tumhare
Darshan bina tumhare
Darshan bina tumhare

Tere dar pe sar jhukaya ho
Tujhe har dukh mein hum pukaare
Bas jee rahe hain maiya
Tere naam ke sahaare
Tere naam ke sahaare
Maa tere naam ke sahaare
Tere dar pe sar jhukaya

भजन का अर्थ – Tere Dar Pe Sar Jhukaya Meaning

"बड़ी किस्मत वाला है वो, झुकाता सर जो माँ के दर पे" — भजन की शुरुआत ही यह स्थापित कर देती है कि माँ के दरबार में सिर झुकाना कोई सामान्य बात नहीं, बल्कि सौभाग्य की निशानी है।

"तेरे दर पे सर झुकाया हो, तुझे हर दुख में हम पुकारें" — यह मुखड़ा भजन की आत्मा है। भक्त हर सुख-दुख में सिर्फ माँ के नाम का सहारा लेकर जीता है, कोई और भरोसा नहीं चाहता।

"चरणों के पास अपने रहने दो मैया मुझको, जीवन गुजार दूंगा सेवा में माँ तुम्हारे" — भक्त की सबसे बड़ी विनती संपत्ति या सुख नहीं, बल्कि माँ की सेवा में रहने का अवसर है।

"दुनिया की मोह माया घेरे है मुझको आकर, इस दुःख से शेरोंवाली तू ही मुझे उबारे" — संसार के मोह-माया को स्वीकार करते हुए भक्त जानता है कि इससे मुक्ति दिलाने वाली केवल शेरोंवाली माँ ही हैं।

"इक आस कर दो पूरी शर्मा की मेरी मैया, लक्खा तड़प रहा है दर्शन बिना तुम्हारे" — गायक स्वयं अपने नाम "लक्खा" का उल्लेख करते हुए माँ के दर्शन की तड़प व्यक्त करता है — यह भजन-परंपरा में गायक का अपनी ही रचना में नाम लेने का सामान्य भाव है, जो भक्ति को और भी निजी बना देता है।

तेरे दर पे सर झुकाया — Full HD Video

Lakhbir Singh Lakkha Version

निष्कर्ष

Lakhbir Singh Lakkha की आवाज़ में "तेरे दर पे सर झुकाया" सुनना उस भक्त की तड़प को महसूस करना है जो संसार की मोह-माया से थककर सिर्फ माँ के दरबार की शरण चाहता है। 1998 में आया यह भजन आज भी नवरात्रि, जागरण और माँ के दरबार में उतनी ही श्रद्धा से गाया जाता है। इसे शांत मन से सुनें, माँ के नाम का सहारा महसूस करें — और हर दुख अपने आप हल्का हो जाएगा। इस भजन को अपने मातारानी के भक्त परिवार और मित्रों के साथ ज़रूर share करें। 🙏 जय माता दी! जय शेरोंवाली माँ! 🔥