Hai Mere Geet Tere Liye Radha Bhajan Lyrics - Swasti Mehul

जब कोई भक्त अपने हृदय की समस्त भावनाओं को राधा रानी के चरणों में समर्पित कर दे — तब जो गीत निकलता है, वही होता है "है मेरे गीत तेरे लिए राधा।" स्वस्ति मेहुल ने यह भजन श्री प्रेमानंद जी महाराज के समक्ष गाया और उनकी आँखों में आए भाव और अश्रु — वो पल इस भजन की सच्चाई को बयान करते हैं। यह भजन केवल एक गीत नहीं, एक भक्त की पूर्ण समर्पण की अनुभूति है — "लय हो तुम, तुम ही भाव हो राधा।" इस राधा-कृष्ण भजन के बोल, संगीत और आवाज़ — सब स्वस्ति मेहुल ने स्वयं रचे हैं।
🙏 राधे राधे! जय श्री कृष्ण! 🦚
🎵 SONG DETAILS

भजन का नाम — है मेरे गीत तेरे लिए राधा
Singer — Swasti Mehul (स्वस्ति मेहुल)
Lyrics — Swasti Mehul
Music — Swasti Mehul
रिलीज़ — April 2025
देवता — राधा रानी | श्री कृष्ण
थीम — राधा-कृष्ण भजन | भक्ति समर्पण | ब्रज रस

है मेरे गीत तेरे लिए राधा — Lyrics in Hindi

Hai Mere Geet Tere Liye Radha Lyrics - Swasti Mehul Radha Krishna Bhajan 2025

है मेरे गीत तेरे लिए राधा — Lyrics in Hindi

॥ मुखड़ा ॥ है मेरे गीत तेरे लिए राधा, लय हो तुम, तुम ही भाव हो राधा। है मेरे गीत तेरे लिए राधा, लय हो तुम, तुम ही भाव हो राधा। जब जब गाऊँ, बस यही चाहूँ, जब जब गाऊँ, बस यही चाहूँ, रास रचाएँ कृष्ण और राधा...। है मेरे गीत तेरे लिए राधा, लय हो तुम, तुम ही भाव हो राधा। ॥ अंतरा १ ॥ अब तुम से नज़रें हटती नहीं, ये लीला है या सम्मोहन। राधा जू को कैसे रिझाऊँ, इतना बता दो हे मोहन। चढ़ा भक्ति का रंग ऐसा, चढ़ा था मीरा पे जैसा। चमक फीकी जग की लागे, बताओ जादू ये कैसा...। स्वस्ति बने वो दर्पण जिसको, देख-देख श्रृंगार करे राधा। है मेरे गीत तेरे लिए राधा, लय हो तुम, तुम ही भाव हो राधा। जब जब गाऊँ, बस यही चाहूँ, रास रचाएँ कृष्ण और राधा...। ॥ अंतरा २ ॥ हालात सभी स्वीकार किए, बाकी सब तुझपे छोड़ दिया। प्रीत लगी तेरे नाम की ऐसी, नाता तुझसे जोड़ लिया। जुड़ी हर आस अब तुझसे, जीत और हार, अब तुमसे। बंधु चरणों में बन घुंघरू, मेरी झंकार अब तुमसे...। क्या ही लिखूं अब तुम पर राधा, अक्षर तुम्ही, तुम ही शब्द हो राधा। है मेरे गीत तेरे लिए राधा, लय हो तुम, तुम ही भाव हो राधा। जब जब गाऊँ, बस यही चाहूँ, रास रचाएँ कृष्ण और राधा...। है मेरे गीत तेरे लिए राधा, लय हो तुम, तुम ही भाव हो राधा। लय हो तुम, तुम ही भाव हो राधा। लय हो तुम, तुम ही भाव हो राधा...।

Hai Mere Geet Tere Liye Radha — Lyrics in English (Roman / Hinglish)

|| Mukhda || Hai mere geet tere liye Radha, Lay ho tum, tum hi bhaav ho Radha. Hai mere geet tere liye Radha, Lay ho tum, tum hi bhaav ho Radha. Jab jab gaaun, bas yahi chaahuun, Jab jab gaaun, bas yahi chaahuun, Raas rachaayen Krishna aur Radha.... Hai mere geet tere liye Radha, Lay ho tum, tum hi bhaav ho Radha. || Antara 1 || Ab tum se nazrein hatti nahi, Ye leela hai ya sammohan. Radha ju ko kaise rijhaaun, Itna bata do hey Mohan. Chadha bhakti ka rang aisa, Chadha tha Meera pe jaisa. Chamak feeki jag ki laage, Batao jaadu ye kaisa... Swasti bane wo darpan jisko, Dekh dekh shringaar kare Radha. Hai mere geet tere liye Radha, Lay ho tum, tum hi bhaav ho Radha. Jab jab gaaun, bas yahi chaahuun, Raas rachaayen Krishna aur Radha.... || Antara 2 || Haalaat sabhi sweekar kiye, Baaki sab tujhpe chhod diya. Preet lagi tere naam ki aisi, Naata tujhse jod liya. Judi har aas ab tujhse, Jeet aur haar, ab tumse. Bandhu charno mein ban ghunghru, Meri jhankaar ab tumse... Kya hi likhun ab tum par Radha, Akshar tumhi, tum hi shabd ho Radha. Hai mere geet tere liye Radha, Lay ho tum, tum hi bhaav ho Radha. Jab jab gaaun, bas yahi chaahuun, Raas rachaayen Krishna aur Radha.... Hai mere geet tere liye Radha, Lay ho tum, tum hi bhaav ho Radha. Lay ho tum, tum hi bhaav ho Radha. Lay ho tum, tum hi bhaav ho Radha....

भजन का अर्थ – Hai Mere Geet Tere Liye Radha Meaning

"है मेरे गीत तेरे लिए राधा, लय हो तुम, तुम ही भाव हो राधा" — स्वस्ति मेहुल कहती हैं कि उनके हर गीत में राधा ही हैं — वे ही लय हैं, वे ही भाव हैं। संगीत में जो सुर है, जो ताल है, जो अनुभूति है — वो सब राधा रानी हैं। यह पंक्ति भक्ति की उस पराकाष्ठा को दर्शाती है जहाँ इष्ट और भजन एकाकार हो जाते हैं।

"राधा जू को कैसे रिझाऊँ, इतना बता दो हे मोहन" — भक्त श्रीकृष्ण से पूछता है कि राधा रानी को कैसे प्रसन्न किया जाए। यह पंक्ति अत्यंत गहरी है — जो स्वयं कृष्ण को प्रिय हैं, उन राधा को भजन से रिझाने की चाहत में भक्ति का सर्वोच्च रूप दिखता है।

"चढ़ा भक्ति का रंग ऐसा, चढ़ा था मीरा पे जैसा" — स्वस्ति मेहुल अपनी भक्ति की तुलना मीराबाई से करती हैं — जिन पर भक्ति का रंग ऐसा चढ़ा था कि संसार की सारी चमक फीकी लगने लगी थी। यह पंक्ति मीरा के अटूट प्रेम की याद दिलाती है।

"क्या ही लिखूं अब तुम पर राधा, अक्षर तुम्ही, तुम ही शब्द हो राधा" — जब भक्ति इतनी गहरी हो जाए कि शब्द भी कम पड़ें — तब भक्त यही कहता है। राधा ही अक्षर हैं, राधा ही शब्द हैं, राधा ही उनके हर गीत का आदि और अंत हैं।

है मेरे गीत तेरे लिए राधा — Swasti Mehul | New Radha Krishna Bhajan 2025

निष्कर्ष

स्वस्ति मेहुल का यह भजन "है मेरे गीत तेरे लिए राधा" — राधा रानी के प्रति एक भक्त की पूर्ण समर्पण की अभिव्यक्ति है। जब यह भजन श्री प्रेमानंद जी महाराज के समक्ष गाया गया और उनकी आँखें भर आईं — तभी यह सिद्ध हो गया कि इस भजन में वो भाव है जो सीधे हृदय को स्पर्श करता है। इसे आज अपने परिवार और राधा-कृष्ण भक्त मित्रों के साथ ज़रूर share करें। 🙏 राधे राधे! जय श्री कृष्ण! 🦚

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