जब मन थका हो, जब जीवन की नाव भंवर में फंसी हो — तब एक ही पुकार उठती है — "करुणा करो कष्ट हारो ज्ञान दो भगवान!" Dr. Prakhar Dagar की वो भावपूर्ण, गहरी आवाज़ जो सीधे आत्मा को छू लेती है — Manish Mehra के संगीत और Rajdeep की बाँसुरी के साथ यह भजन एक अद्भुत ध्यान-अनुभव बन जाता है। इस भजन में श्रीकृष्ण के गीता-वचन और भक्ति का वो संगम है जो सुनते ही मन शांत हो जाता है। यह भजन सिर्फ गाना नहीं — यह कृष्ण का वो वादा है जो उन्होंने हर भक्त से किया है।
मन में बसा कर तेरी मूर्ति
उतारूँ मैं गिरधर तेरी आरती
राधे कृष्ण राधे कृष्ण राधे कृष्ण बोल
राधे कृष्ण राधे कृष्ण राधे कृष्ण बोल
॥ अंतरा १ ॥
करुणा करो कष्ट हारो ज्ञान दो भगवान
भव में फंसी नाव मेरी तार दो भगवान
करुणा करो कष्ट हारो ज्ञान दो भगवान
भव में फंसी नाव मेरी तार दो भगवान
दर्द की दवा तेरे पास है
ज़िंदगी दया की है भीख माँगती
ऐसी लागी लगन
मीरा होगई मगन
वो तो गली गली हरि गुण गाने लगी
ऐसी लागी लगन
मीरा होगई मगन
माँगूँ तुझसे क्या मैं यही सोचूँ भगवान
ज़िंदगी जब तेरे नाम कर दी अर्पण
माँगूँ तुझसे क्या मैं यही सोचूँ भगवान
ज़िंदगी जब तेरे नाम कर दी अर्पण
सब कुछ तेरा कुछ नहीं मेरा
चिंता है तुझको प्रभु संसार की
मन में बसा कर तेरी मूर्ति
उतारूँ मैं गिरधर तेरी आरती
राधे कृष्ण राधे कृष्ण राधे कृष्ण बोल
राधे कृष्ण राधे कृष्ण राधे कृष्ण बोल
"दर्द की दवा तेरे पास है, ज़िंदगी दया की है भीख माँगती" — संसार में हर दुख की दवा कृष्ण के पास है। भक्त जानता है — डॉक्टर, दवाई, दुनिया सब कोशिश करते हैं पर असली उपचार तो प्रभु के चरणों में है।
"ऐसी लागी लगन, मीरा होगई मगन, वो तो गली गली हरि गुण गाने लगी" — मीराबाई का वो अमर प्रसंग — जब कृष्ण की लगन लग जाए, तो दुनिया की परवाह नहीं रहती। हर गली में, हर मोड़ पर बस एक ही नाम — हरि, हरि, हरि।
"माँगूँ तुझसे क्या मैं यही सोचूँ भगवान, ज़िंदगी जब तेरे नाम कर दी अर्पण" — जब पूरा जीवन कृष्ण को अर्पण कर दिया, तो माँगें क्या? यह आत्मसमर्पण की सबसे ऊँची अवस्था है — जहाँ भक्त और भगवान के बीच कोई दूरी नहीं रहती।
"सब कुछ तेरा कुछ नहीं मेरा, चिंता है तुझको प्रभु संसार की" — यह पंक्ति गीता के उस श्लोक की प्रतिध्वनि है जहाँ कृष्ण कहते हैं — जो मेरा भक्त है, उसकी योग-क्षेम की जिम्मेदारी मैं उठाता हूँ।
🙏 राधे कृष्ण! राधे कृष्ण! राधे कृष्ण बोल! 🦚
🎵 SONG DETAILS
Singer — Dr. Prakhar Dagar
Lyrics — Traditional
Music — Manish Mehra
Flute — Rajdeep
Video — Tarun Batra
Singer — Dr. Prakhar Dagar
Lyrics — Traditional
Music — Manish Mehra
Flute — Rajdeep
Video — Tarun Batra
करुणा करो कष्ट हारो — Lyrics in Hindi
॥ श्री कृष्ण कहते हैं ॥
जो हमेशा मेरा स्मरण करते हैं, या एकचित्त मन से मेरा पूजन करते हैं — मैं व्यक्तिगत रूप से उनके कल्याण का उत्तरदायित्व लेता हूँ।
॥ मुखड़ा ॥जो हमेशा मेरा स्मरण करते हैं, या एकचित्त मन से मेरा पूजन करते हैं — मैं व्यक्तिगत रूप से उनके कल्याण का उत्तरदायित्व लेता हूँ।
मन में बसा कर तेरी मूर्ति
उतारूँ मैं गिरधर तेरी आरती
राधे कृष्ण राधे कृष्ण राधे कृष्ण बोल
राधे कृष्ण राधे कृष्ण राधे कृष्ण बोल
॥ अंतरा १ ॥
करुणा करो कष्ट हारो ज्ञान दो भगवान
भव में फंसी नाव मेरी तार दो भगवान
करुणा करो कष्ट हारो ज्ञान दो भगवान
भव में फंसी नाव मेरी तार दो भगवान
दर्द की दवा तेरे पास है
ज़िंदगी दया की है भीख माँगती
ऐसी लागी लगन
मीरा होगई मगन
वो तो गली गली हरि गुण गाने लगी
ऐसी लागी लगन
मीरा होगई मगन
॥ श्री कृष्ण कहते हैं ॥
जो हुआ वो अच्छा हुआ, जो हो रहा है वो अच्छा हो रहा है, और जो होगा वो भी अच्छा ही होगा।
॥ अंतरा २ ॥जो हुआ वो अच्छा हुआ, जो हो रहा है वो अच्छा हो रहा है, और जो होगा वो भी अच्छा ही होगा।
माँगूँ तुझसे क्या मैं यही सोचूँ भगवान
ज़िंदगी जब तेरे नाम कर दी अर्पण
माँगूँ तुझसे क्या मैं यही सोचूँ भगवान
ज़िंदगी जब तेरे नाम कर दी अर्पण
सब कुछ तेरा कुछ नहीं मेरा
चिंता है तुझको प्रभु संसार की
मन में बसा कर तेरी मूर्ति
उतारूँ मैं गिरधर तेरी आरती
॥ श्री कृष्ण कहते हैं ॥
कर्म करो, फल की चिंता मत करो — क्योंकि जो कर्म को फल के लिए करता है, वास्तव में न उसे फल मिलता है और न ही वो कर्म है।
॥ समापन ॥कर्म करो, फल की चिंता मत करो — क्योंकि जो कर्म को फल के लिए करता है, वास्तव में न उसे फल मिलता है और न ही वो कर्म है।
राधे कृष्ण राधे कृष्ण राधे कृष्ण बोल
राधे कृष्ण राधे कृष्ण राधे कृष्ण बोल
॥ श्री कृष्ण कहते हैं ॥
जब जब इस धरती पर पाप, अहंकार और अधर्म बढ़ेगा — तो उसका विनाश कर, धर्म की पुनःस्थापना करने हेतु मैं अवश्य अवतार लेता रहूँगा।
जब जब इस धरती पर पाप, अहंकार और अधर्म बढ़ेगा — तो उसका विनाश कर, धर्म की पुनःस्थापना करने हेतु मैं अवश्य अवतार लेता रहूँगा।
Karuna Karo Kasht Haro — Lyrics in English (Roman)
Man mein basa kar teri murti
Utaru main girdhar teri aarti
Radhe krishna Radhe krishna Radhe krishna Bol
Radhe krishna Radhe krishna Radhe krishna Bol
Karuna karo kashta haro gyan do bhagvan
Bhav mein phasi naav meri taar do bhagvan
Karuna karo kashta haro gyan do bhagvan
Bhav mein phasi naav meri taar do bhagvan
Dard ki dava tere paas hai
Zindagi daya ki hai bheekh maangati
Aisi laagi lagan
Meera hogayi magan
Voh toh Gali Gali hari gunn gaane lagi
Aisi laagi lagan
Meera hogayi magan
Maangu tujhse kya main yahi sochu bhagvan
Zindagi jab tere naam kardi arpan
Maangu tujhse kya main yahi sochu bhagvan
Jindagi jab tere naam kardi arpan
Sab kuchh tera kuchh nahin mera
Chinta hai tujhko prabhu sansar ki
Man mein basa kar teri murti
Utaru main girdhar teri aarti
Radhe krishna Radhe krishna Radhe krishna Bol
Radhe krishna Radhe krishna Radhe krishna Bol
Utaru main girdhar teri aarti
Radhe krishna Radhe krishna Radhe krishna Bol
Radhe krishna Radhe krishna Radhe krishna Bol
Karuna karo kashta haro gyan do bhagvan
Bhav mein phasi naav meri taar do bhagvan
Karuna karo kashta haro gyan do bhagvan
Bhav mein phasi naav meri taar do bhagvan
Dard ki dava tere paas hai
Zindagi daya ki hai bheekh maangati
Aisi laagi lagan
Meera hogayi magan
Voh toh Gali Gali hari gunn gaane lagi
Aisi laagi lagan
Meera hogayi magan
Maangu tujhse kya main yahi sochu bhagvan
Zindagi jab tere naam kardi arpan
Maangu tujhse kya main yahi sochu bhagvan
Jindagi jab tere naam kardi arpan
Sab kuchh tera kuchh nahin mera
Chinta hai tujhko prabhu sansar ki
Man mein basa kar teri murti
Utaru main girdhar teri aarti
Radhe krishna Radhe krishna Radhe krishna Bol
Radhe krishna Radhe krishna Radhe krishna Bol
भजन का अर्थ – Karuna Karo Kasht Haro Meaning
"करुणा करो कष्ट हारो ज्ञान दो भगवान, भव में फंसी नाव मेरी तार दो भगवान" — यह पंक्ति भक्ति की सबसे सरल और सबसे गहरी प्रार्थना है। भक्त तीन चीज़ें माँगता है — करुणा, कष्टों से मुक्ति, और ज्ञान। और एक विनती — इस संसार-सागर में फंसी नाव को पार लगा दो। यही गीता का सार भी है।"दर्द की दवा तेरे पास है, ज़िंदगी दया की है भीख माँगती" — संसार में हर दुख की दवा कृष्ण के पास है। भक्त जानता है — डॉक्टर, दवाई, दुनिया सब कोशिश करते हैं पर असली उपचार तो प्रभु के चरणों में है।
"ऐसी लागी लगन, मीरा होगई मगन, वो तो गली गली हरि गुण गाने लगी" — मीराबाई का वो अमर प्रसंग — जब कृष्ण की लगन लग जाए, तो दुनिया की परवाह नहीं रहती। हर गली में, हर मोड़ पर बस एक ही नाम — हरि, हरि, हरि।
"माँगूँ तुझसे क्या मैं यही सोचूँ भगवान, ज़िंदगी जब तेरे नाम कर दी अर्पण" — जब पूरा जीवन कृष्ण को अर्पण कर दिया, तो माँगें क्या? यह आत्मसमर्पण की सबसे ऊँची अवस्था है — जहाँ भक्त और भगवान के बीच कोई दूरी नहीं रहती।
"सब कुछ तेरा कुछ नहीं मेरा, चिंता है तुझको प्रभु संसार की" — यह पंक्ति गीता के उस श्लोक की प्रतिध्वनि है जहाँ कृष्ण कहते हैं — जो मेरा भक्त है, उसकी योग-क्षेम की जिम्मेदारी मैं उठाता हूँ।
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करुणा करो कष्ट हारो — तीन अलग-अलग संस्करण
Dr. Prakhar Dagar Version (with Gita Vachan)
Anirudh Acharya Version
Sohini Mishra Version
निष्कर्ष
Dr. Prakhar Dagar की आवाज़ में श्रीकृष्ण के गीता-वचनों के साथ यह भजन सुनना एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव है। "करुणा करो कष्ट हारो" — यह पुकार जब Rajdeep की बाँसुरी के साथ गूंजती है, तो मन अपने आप कृष्ण के चरणों में झुक जाता है। इसे प्रतिदिन सुबह सुनें, गीता के वचनों को मन में उतारें — और जीवन की हर परीक्षा आसान हो जाएगी। इस भजन को अपने परिवार और कृष्ण भक्त मित्रों के साथ ज़रूर share करें। 🙏 राधे कृष्ण! राधे कृष्ण! राधे कृष्ण बोल! 🦚हर नया भजन सबसे पहले पाएं
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