Shri Radhe Govind Bhajan Lyrics – Anooratn Raai | Merchant Records

जब मन विरह में डूबा हो, जब हर साज़ अधूरा-सा लगे — तब बस एक ही पुकार होंठों पर आती है — "श्री राधे गोविन्द..." Anooratn Raai की आवाज़ में यह भजन एक भक्त की वो विनती है जो वृंदावन की गलियों से लेकर हर भक्त के हृदय तक गूंजती है। Shivang Khare के लिखे बोल और Ankush Boradkar के संगीत के साथ यह रचना दास्य भाव और विरह भक्ति का वो अद्भुत संगम रचती है, जहाँ भक्त कुछ माँगता नहीं — बस राधा रानी की शरण चाहता है।
🙏 श्री राधे गोविन्द! श्री राधे गोविन्द! 🌸
🎵 SONG DETAILS

Singer and Composed By — Anooratn Raai
Lyricist — Shivang Khare
Music Produced by — Ankush Boradkar
Mixing and Mastering — Ankush Boradkar
Video By — Abhishek Kumar
Label — Merchant Records, distributed by Global Music Junction and Warner Music India
Krishna priya sun mori ye aas Bhajan

श्री राधे गोविन्द — Lyrics in Hindi

॥ मुखड़ा ॥

श्री राधे गोविन्द.....
श्री राधे गोविन्द.....

॥ भक्ति भाव ॥
जब वृंदावन में राधा न हों, तो हर श्रृंगार अधूरा है — यही तो प्रेम की सबसे पहली सच्चाई है।
॥ अंतरा १ ॥

सूनी लागे वृंदावन बिन
तुहिन बिन अधूरा साज़
मीरा सरीकी जुगन-जुगन
गावे तेरो ही राग

प्राण-पंछी अब थक गयो
कृष्ण प्रिया सुन मोरी ये आस
कर लो मोहे निज दास वृंदा
राखो इतनी ही लाज...

श्री राधे गोविन्द.. श्री राधे गोविन्द...

॥ भक्ति भाव ॥
दास्य भाव भक्ति की सबसे कोमल अवस्था है — जहाँ भक्त कुछ नहीं माँगता, बस चरणों में एक स्थान चाहता है।
॥ अंतरा २ ॥

नैनन खोजे रूप तेरो
हृदय भयो अब मेरो विराग
मन बावरो निस पुकारे
बिनती सुन लो आज...

श्री राधे गोविन्द.. श्री राधे गोविन्द...

॥ भक्ति भाव ॥
मीरा ने जो राग गुनगुनाया, वही राग आज भी हर भक्त के कंठ में जीवित है — प्रेम कभी युग नहीं देखता।
॥ अंतरा ३ ॥

मन मंदिर की आस जगी
लागी तेरो दरस की प्यास
मोहे कछु न भाये राधे
जपूं तेरो ही नाम....

श्री राधे गोविन्द.. श्री राधे गोविन्द...

Shri Radhe Govind — Lyrics in English (Roman)

Shri Radhe Govind..
Shri Radhe Govind..

Sooni laage Vrindavan bin
Tuhin bin adhoora saaj
Meera sarikhi jugan-jugan
Gaave tero hi raag

Praan-panchhi ab thak gayo
Krishna priya sun mori ye aas
Kar lo mohe nij daas Vrinda
Rakho itni hi laaj...

Shri Radhe Govind.. Shri Radhe Govind...

Nainan khoje roop tero
Hriday bhayo ab moro viraag
Man baawaro tohe nis pukaare
Binti sun lo aaj...

Shri Radhe Govind.. Shri Radhe Govind...

Man mandir ki aas jagi
Laagi tero daras ki pyaas
Mohe kuchhu na bhaaye Radhe
Japoon tero hi naam...

Shri Radhe Govind.. Shri Radhe Govind...

भजन का अर्थ – Shri Radhe Govind Meaning

"सूनी लागे वृंदावन बिन, तुहिन बिन अधूरा साज़" — भक्त कहता है कि राधा रानी के बिना वृंदावन की हर रौनक सूनी है, हर श्रृंगार अधूरा है। यह पंक्ति उस भाव को दर्शाती है जहाँ भक्ति का केंद्र केवल राधा ही हैं।

"मीरा सरीकी जुगन-जुगन, गावे तेरो ही राग" — मीराबाई का प्रेम युगों-युगों तक अमर है, और भक्त वही समर्पण भाव अपने भीतर जगाना चाहता है — निरंतर, हर युग में।

"कर लो मोहे निज दास वृंदा, राखो इतनी ही लाज" — यह दास्य भाव भक्ति की पराकाष्ठा है। भक्त कुछ बड़ा नहीं माँगता — बस इतनी विनती है कि उसे राधा रानी का सेवक स्वीकार कर लिया जाए।

"नैनन खोजे रूप तेरो, हृदय भयो अब मेरो विराग" — आँखें राधा के रूप को खोजती रहती हैं, और संसार की बाकी हर चीज़ से मन उचट गया है — यह विरह भक्ति की गहराई है।

"मन मंदिर की आस जगी, लागी तेरो दरस की प्यास" — हृदय अब एक मंदिर बन चुका है, जहाँ बस एक ही आस है — राधा रानी के दर्शन की प्यास। संसार की कोई और वस्तु अब मन को नहीं भाती, केवल उनका नाम-जाप ही सुकून देता है।

श्री राधे गोविन्द — Official Video

Anooratn Raai Version

निष्कर्ष

Anooratn Raai की आवाज़ में "श्री राधे गोविन्द" सुनना एक ऐसा अनुभव है जो सीधे विरह भक्ति की गहराई तक ले जाता है। Shivang Khare के लिखे शब्द जब Ankush Boradkar के संगीत के साथ मिलते हैं, तो हर पंक्ति में वो तड़प उतर आती है जो हर सच्चे भक्त के हृदय में कहीं-न-कहीं बसी होती है। इसे शांत मन से सुनें, दास्य भाव को महसूस करें — और वृंदावन की वो अनुभूति खुद में जीवित करें। इस भजन को अपने राधा-कृष्ण भक्त परिवार और मित्रों के साथ ज़रूर share करें। 🙏 श्री राधे गोविन्द! श्री राधे गोविन्द! 🌸