ब्रज रास Krishna Bhajan Hindi and English Lyrics – B Praak, Jaani

B Praak — वो आवाज़ जिसने "Filhall" से करोड़ों दिल तोड़े — आज 2026 में उसी आवाज़ ने सबके दिल जोड़ लिए, और जोड़े भी किससे? सीधे वृन्दावन से, कान्हा से, राधा रानी से! Jaani के लिखे बोल और Mir Desai का संगीत लेकर Kripa Records ने "Hari Ras Baithak" series में "ब्रज रास" पेश किया — और यह भजन एक अलग ही दुनिया में ले जाता है। यह सिर्फ एक bhajan नहीं, बल्कि एक Sankirtan Experience है — जहाँ हर note में राधा-कृष्ण की लीला बसती है और हर बोल में वृन्दावन की खुशबू है। 



🙏 राधे राधे!🙏

SONG DETAILS

Singer - B Praak
Lyrics - Jaani & Traditional
Music - B Praak & Mir Desai
Label - Kripa Records (Universal Music India)

ब्रज रास भजन के बोल – Braj Ras Lyrics in Hindi

॥ आरंभ ॥

राधे-राधे गोविन्द राधे राधे राधे-राधे गोविन्द राधे राधे राधे-राधे गोविन्द राधे राधे राधे-राधे गोविन्द राधे राधे

॥ मुखड़ा ॥

मैं तेरे सिर सिरहाना बन जाऊँ तू राधा मैं कान्हा बन जाऊँ तू मेरी दीवानी बन जाए तू मेरी दीवानी बन जाए मैं तेरा दीवाना बन जाऊँ मैं तेरा दीवाना बन जाऊँ

हो रखा ही क्या है तेरे मेरे शहरों में वृन्दावन चल सखी कृष्ण के पैरों में रखा ही क्या है तेरे मेरे शहरों में वृन्दावन चल सखी कृष्ण के पैरों में

॥ अंतरा १ ॥

वो ही नदी वो ही दरिया वो स्वर्गों का जरिया वो हँसी की ही माया है रातों के तारे वारे सारे ये पानी के किनारे वो चाँद लेके आया है

तेरी भूख में खाना बन जाऊँ तू शमा मैं परवाना बन जाऊँ तू राधा मैं कान्हा बन जाऊँ तू मेरी दीवानी बन जाए तू मेरी दीवानी बन जाए मैं तेरा दीवाना बन जाऊँ

राधे-राधे गोविन्द राधे राधे राधे-राधे गोविन्द राधे राधे

॥ अंतरा २ – संकीर्तन ॥

जय-जय राधा रमण हरि बोल प्यारो राधा रमण हरि बोल जय-जय राधा रमण हरि बोल प्यारो राधा रमण हरि बोल

जय-जय राधा राधा, जय-जय राधा राधा जय-जय राधा राधा, जय-जय राधा राधा

॥ अंतरा ३ ॥

श्याम सुन्दर श्याम सुन्दर राधे श्याम सुन्दर श्याम सुन्दर राधे श्यामा-श्याम सुन्दर राधे

जय-जय राधे जय-जय श्याम जय-जय श्री वृन्दावन धाम जय-जय राधे जय-जय श्याम जय-जय श्री वृन्दावन धाम

॥ अंतरा ४ ॥

श्यामा प्यारी कुंज बिहारी जय-जय श्री हरिदास दुलारी श्यामा प्यारी कुंज बिहारी जय-जय श्री हरिदास दुलारी

मन भूल मत जइयो राधा रानी के चरण मन भूल मत जइयो राधा रानी के चरण

रानी के चरण, महारानी के चरण रानी के चरण, महारानी के चरण

॥ अंतरा ५ – जयकार ॥

यशोदा नन्दन लाल की जय हो बांके बिहारी लाल की जय हो राधा वल्लभ लाल की जय हो राधा रमण जू लाल की जय हो वृषभानु की किशोरी की जय हो वृषभानु के जमाई की जय हो वृन्दावन धाम की जय हो बरसाना धाम की जय हो

॥ समापन – महामन्त्र ॥

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवा

तुझसे ही धरती है, तुझसे ही अम्बर है तेरे इस रूप से ही रोशन संसार है

मुझको भी अपना बना ले, अपने नैनों में बसा ले रंग रंग जाऊँ तेरे रंग में अब कोई न मेरे संग में मेरा हाथ थाम ले तू संभाल ले ओ जग के पालनहार

हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे-हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे-हरे

Braj Ras Lyrics in English 


Radhe-radhe govind radhe radhe (×4)

Main tere sir sirhaana ban jaaun Tu radha main kanha ban jaaun Tu meri deewani ban jaaye Main tera deewana ban jaaun

Ho rakha hi kya hai tere mere shehron mein Vrindavan chal sakhi krishna ke pairon mein

Wo hi nadi wo hi dariya Wo swargon ka zariya wo hansi hi maaya hai Raaton ke taare waare saare Ye paani ke kinaare wo chaand leke aaya hai

Teri bhookh mein khaana ban jaaun Tu shama main parwana ban jaaun

Jai-jai radha raman hari bol (×4)

Shyam sundar shyam sundar radhe (×2) Shyama-shyam sundar radhe

Jai-jai radhe jai-jai shyam Jai-jai shri vrindavan dham

Shyama pyari kunj bihari Jai-jai shri haridas dulari

Man bhool mat jaiyo Radha rani ke charan

Yashoda nandan laal ki jai ho Banke bihari laal ki jai ho Radha vallabh laal ki jai ho Vrindavan dham ki jai ho Barsana dham ki jai ho

Shri krishna govind hare murari He nath narayan vasudeva

Hare krishna hare krishna krishna krishna hare-hare Hare ram hare ram ram ram hare-hare

भजन का अर्थ – Braj Ras Bhajan Meaning


"मैं तेरे सिर सिरहाना बन जाऊँ, तू राधा मैं कान्हा बन जाऊँ" → Jaani का यह बोल भक्ति और प्रेम की पराकाष्ठा है। भक्त कहता है — मैं तुम्हारा हर रूप बनने को तैयार हूँ, बस तुम मेरे हो जाओ। राधा-कृष्ण के प्रेम में खुद को मिटा देने की यह चाह ही असली भक्ति है।

"रखा ही क्या है तेरे मेरे शहरों में, वृन्दावन चल सखी कृष्ण के पैरों में" → संसार के शहरों में माया है, शोर है, बेचैनी है। लेकिन वृन्दावन में कृष्ण के चरणों में — वहाँ सब कुछ है। यह पंक्ति हर उस भक्त की पुकार है जो भागदौड़ से थककर कहीं शांति ढूंढ रहा है।

"तेरी भूख में खाना बन जाऊँ, तू शमा मैं परवाना बन जाऊँ" → परवाना जानता है कि शमा के पास जाने पर जलना है — फिर भी जाता है। यही भक्ति है। कृष्ण की आग में जलकर खुद को खो देना — यही ब्रज रास का सार है।

महामन्त्र — "हरे कृष्ण हरे कृष्ण, हरे राम हरे राम" → भजन का अंत महामन्त्र से होता है — जो सभी युगों में सबसे शक्तिशाली माना गया है।


[OUTRO]

B Praak की वो आवाज़ जो दिल तोड़ती थी — आज उसी आवाज़ ने दिल को कान्हा के साथ जोड़ दिया। "ब्रज रास" सुनकर मन एक अलग ही रास में डूब जाता है — वृन्दावन की वो गलियाँ, यमुना का किनारा, राधे-कृष्ण की जोड़ी — सब आँखों के सामने जीवंत हो उठता है। इस भजन को आज अपने परिवार और राधे-कृष्ण के भक्त मित्रों के साथ ज़रूर share करें। 🙏 राधे राधे! जय श्री कृष्ण! ब्रज रास! 🦚
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