[मेरे बाबा] Ye Dil Tujhse Naraaz Bada Bhajan Lyrics – Rasika Melodies

कुछ भजन भक्ति की मधुरता नहीं, बल्कि भक्त की सच्ची नाराज़गी को आवाज़ देते हैं — और "मेरे बाबा ये दिल तुझसे नाराज़ बड़ा" ऐसा ही एक भजन है। Jaggi Khurdban की एक सच्ची घटना पर आधारित इस रचना को Rasika Melodies ने अपनी आवाज़ दी है। Harish Kashi के संगीत में सजा यह भजन उस भक्त की कहानी है जो बाबा से रूठा है — पर उनका द्वार छोड़कर कहीं नहीं जाता। यह शिकायत नहीं, यह भी एक तरह की गहरी भक्ति है — जब रिश्ता इतना अपना हो कि नाराज़गी जताने का हक़ भी मिल जाए।
🙏 जय बाबा! तेरे दर पे पड़ा, तेरे दर पे पड़ा 🔱
🎵 SONG DETAILS

Vocal — Rasika Melodies
Lyrics & Composition — Jaggi Khurdban
Music — Harish Kashi
Video — Mishra
Producer — Mahadev Shankar
Management — Jaggi Khurdban | Sumit Dhoulra
थीम — सच्ची घटना पर आधारित

मेरे बाबा ये दिल तुझसे नाराज़ बड़ा — Lyrics in Hindi

Mere Baba Ye Dil Tujhse Naraaz Bada Lyrics - Rasika Melodies Jaggi Khurdban Shiv Bhajan
॥ मुखड़ा ॥

मेरे बाबा ये दिल तुझसे नाराज़ बड़ा
मेरे बाबा ये दिल तुझसे नाराज़ बड़ा
अपना या ठुकरा मर्ज़ी तेरी
तेरे दर पे पड़ा मैं तेरे दर पे पड़ा

मेरे बाबा ये दिल तुझसे नाराज़ बड़ा
मेरे बाबा ये दिल तुझसे नाराज़ बड़ा

॥ अंतरा १ ॥

खामोशी सुन लेता सबकी
मेरा शोर ना सुनता तू
मुश्किल में भी साथ ना देता
क्यों मुझको ना चुनता तू
मैं भी अब से ना बोलूं बाबा तुमसे
होठों पे रख हाथ खड़ा तेरे द्वार खड़ा

मेरे बाबा ये दिल तुझसे नाराज़ बड़ा
मेरे बाबा ये दिल तुझसे नाराज़ बड़ा

॥ अंतरा २ ॥

आँखें हो जाती गीली
जब कोई तेरे गुण गाए
सबके जीवन में खुशियाँ
दुख मेरे हिस्से क्यों आए
क्या ख़ता है मुझे ना पता है
चालाक तू मुझसे बड़ा बाबा सबसे बड़ा

मेरे बाबा ये दिल तुझसे नाराज़ बड़ा
मेरे बाबा ये दिल तुझसे नाराज़ बड़ा

॥ अंतरा ३ ॥

नज़र करोगे कब मुझपे
ये ना मैं जानूं तू जाने
हार गया बाबा जग से
जग जैसे तू भी ना पहचाने
जग्गी टूटा क्यों तू मुझसे रूठा
पत्थर जैसे अड़के खड़ा बाबा अड़के खड़ा

॥ समापन ॥

मेरे बाबा ये दिल तुझसे नाराज़ बड़ा
मेरे बाबा ये दिल तुझसे नाराज़ बड़ा
अपना या ठुकरा मर्ज़ी तेरी
मैं तेरे दर पे पड़ा तेरे दर पे पड़ा
मेरे बाबा...

Mere Baba Ye Dil Tujhse Naraaz Bada — Lyrics in English (Roman)

|| Mukhda ||

Mere Baba ye dil tujhse naraaz bada
Mere Baba ye dil tujhse naraaz bada
Apna ya thukra marzi teri
Tere dar pe pada main, tere dar pe pada

Mere Baba ye dil tujhse naraaz bada
Mere Baba ye dil tujhse naraaz bada

|| Antara 1 ||

Khamoshi sun leta sabki
Mera shor na sunta tu
Mushkil mein bhi saath na deta
Kyun mujhko na chunta tu
Main bhi ab se na bolun Baba tumse
Honthon pe rakh haath khada, tere dwaar khada

Mere Baba ye dil tujhse naraaz bada
Mere Baba ye dil tujhse naraaz bada

|| Antara 2 ||

Aankhen ho jaati geeli
Jab koi tere gun gaaye
Sabke jeevan mein khushiyaan
Dukh mere hisse kyun aaye
Kya khata hai mujhe na pata hai
Chalaak tu mujhse bada, Baba sabse bada

Mere Baba ye dil tujhse naraaz bada
Mere Baba ye dil tujhse naraaz bada

|| Antara 3 ||

Nazar karoge kab mujhpe
Ye na main jaanu, tu jaane
Haar gaya Baba jag se
Jag jaise tu bhi na pehchaane
Jaggi toota kyun tu mujhse rootha
Patthar jaise adke khada, Baba adke khada

|| Samapan ||

Mere Baba ye dil tujhse naraaz bada
Mere Baba ye dil tujhse naraaz bada
Apna ya thukra marzi teri
Main tere dar pe pada, tere dar pe pada
Mere Baba…

भजन का अर्थ – Mere Baba Ye Dil Tujhse Naraaz Bada Meaning

"अपना या ठुकरा मर्ज़ी तेरी, तेरे दर पे पड़ा मैं तेरे दर पे पड़ा" — यह भजन की सबसे गहरी पंक्ति है। भक्त नाराज़ है, पर बाबा का द्वार नहीं छोड़ता। यही सच्ची भक्ति की पहचान है — शिकायत भी हो तो उस दर पर ही, जहाँ भरोसा सबसे ज़्यादा है।

"खामोशी सुन लेता सबकी, मेरा शोर ना सुनता तू" — Jaggi Khurdban का यह लेखन उस इंसानी पीड़ा को छूता है जो हर भक्त कभी न कभी महसूस करता है — जब लगे कि बाबा सबकी सुनते हैं, सिर्फ मेरी पुकार अनसुनी रह जाती है।

"सबके जीवन में खुशियाँ, दुख मेरे हिस्से क्यों आए" — यह सवाल हर इंसान के मन में कभी उठता है। भजन इस ईमानदार भावना को बिना छुपाए, सीधे शब्दों में सामने रखता है — और यही इसे इतना सच्चा बनाता है।

"जग्गी टूटा क्यों तू मुझसे रूठा, पत्थर जैसे अड़के खड़ा बाबा अड़के खड़ा" — गीतकार स्वयं को इस भजन में पुकारते हैं, अपनी ही टूटी हुई आस को बाबा के सामने रखते हैं — और फिर भी पत्थर की तरह उसी द्वार पर खड़े रहने का संकल्प लेते हैं। यही वो क्षण है जहाँ नाराज़गी और भक्ति एक हो जाते हैं।

मेरे बाबा ये दिल तुझसे नाराज़ बड़ा — Rasika Melodies | Official Video

निष्कर्ष

Rasika Melodies की आवाज़ में "मेरे बाबा ये दिल तुझसे नाराज़ बड़ा" सुनकर हर वो भक्त रो पड़ेगा जिसने कभी अपने बाबा से रूठने का हक़ महसूस किया है। Jaggi Khurdban की सच्ची घटना पर आधारित यह रचना भक्ति के सबसे ईमानदार रूप को सामने लाती है — जहाँ नाराज़गी भी प्यार की ही एक भाषा है। इसे आज अपने परिवार और शिव भक्त मित्रों के साथ ज़रूर share करें। 🙏 जय बाबा! तेरे दर पे पड़ा, तेरे दर पे पड़ा 🔱