Kashi Vishwanath Ki Mahima Lyrics - Tanvi | Ravindra Rakesh

काशी — जहाँ पृथ्वी पर रहते हुए भी स्वर्ग की अनुभूति होती है, जहाँ गंगा उत्तरवाहिनी होकर बहती है, जहाँ हर कंकर में शंकर विराजते हैं। Tanvi Senjaliya की दिव्य आवाज़ में "काशी विश्वनाथ की महिमा" सुनते ही मन वाराणसी की उन पावन गलियों में पहुंच जाता है जहाँ बाबा विश्वनाथ की कृपा हर पल बरसती है। यह भजन काशी की उस अपार महिमा का वर्णन करता है जो पुराणों से भी पुरानी है।
🙏 हर हर महादेव! जय काशी विश्वनाथ! 🔱
🎵 SONG DETAILS

भजन का नाम — काशी विश्वनाथ की महिमा
Singer — Tanvi Senjaliya
देवता — भगवान शिव – काशी विश्वनाथ
रिलीज़ तारीख — 6 March 2025
थीम — काशी नगरी की महिमा | वाराणसी | मोक्षधाम

काशी विश्वनाथ की महिमा — Lyrics in Hindi

Kashi Vishwanath Ki Mahima Lyrics - Tanvi Senjaliya Shiv Bhajan

काशी विश्वनाथ की महिमा — Lyrics in Hindi

॥ भाग १ ॥ काशी ये हमारी, तीनों लोकों से है न्यारी, काशीपति महादेव, सभी देवों से न्यारे हैं। मुक्तिधाम काशी, जहां मुक्तेश्वर गुरु, वहां मुक्तेश्वर शिव, निज मुक्ति को पधारे हैं। गिरी कैलाश से कहीं अधिक तेजोमय, काशी नगरी के पुण्य भूमि के सितारे हैं। वहां पे विराजे Ganga, शिवजी के शिष्य, यहाँ शिवजी विराजमान, गंगा किनारे हैं। ॥ भाग २ ॥ काशी के निवासी करे, अभिमान शिव जी पे, पाते हैं अभयदान अभयकर से। प्रलय के समय भी डूबेगी ना काशी, हमे आश्वासन मिला है ये प्रलयंकर से। शिव और काशी पर्याय एक दूसरे के, काशी का अटूट नाता भोलेशंकर से। काशी आके शिव को ना ढूंढ़ना पड़ेगा, पता उनका मिलेगा तुम्हें कंकर-कंकर से Bess. ॥ भाग ३ ॥ विश्वनाथ सदाशिव भैरव में शिव रूप, शिव का ही रुद्र रूप वीर हनुमान है। मंदिर के द्वारे पे बिराजमान दुंदिराज, गणपति शिव की ओरस संतान है। शिव के निकट राजे शिवमय पार्वती, दोनों ही जगत के लिए वरदान है। द्वादश ज्योतिर्लिंग देते हैं काशी को ज्योति, सर्वेश्वर यहाँ सर्वस्थान है। ॥ भाग ४ ॥ पंचकोशी पंचतीर्थ परिक्रमा वंदना, पंचमहादेव का दर्शन सुखकारी हैं। मणिकर्णिका से ये परिक्रमा आरंभ होती, चक्रपुष्कर्णी की महिमा भारी है। तारकमंत्र यहां देते है शिव पार्वती, भक्तों की गति इस मंत्र ने सुधारी है। आदिशिव आदिशक्ति मातेश्वरी पार्वती, हमको भी मुक्ति दे ये बिनती हमारी है। ॥ भाग ५ ॥ ब्रह्माजी का एक शीश काट के सदाशिव, दोषमुक्त होने जाने कहाँ-कहाँ भटके। जहां भी वो पहुँचें कपाल ने ना पिछा छोड़ा, रहा वो तो शिवजी के हाथ से ही सटके। यहीं है आनंदवन यहीं है माधवपुरी, पृथ्वी पे होते हुए पृथ्वी से हटके। यहीं दोषमुक्त हुए मुक्तेश्वर शिव और, विश्वनाथ रहे गये काशी में सिमट के। ॥ भाग ६ ॥ वरुणा अशी के संगम पे वाराणसी, विश्वेश्वर शिव की धरा पे राजधानी है। इसे नगरी है पुराणों में द्वादश नाम, गंगा की लहरों में जिनकी कहानी है। संस्कृति साहित्य संगीत का मिलन यहाँ, नगरी वाराणसी पुराणों से पुरानी है। भक्तों से अधिक देवी देवता बिराजे, यहां शिवजी के संग पार्वती भवानी है। ॥ भाग ७ ॥ मातृहीन, पितृहीन, गुणहीन, धनहीन, देहहीन, उदासीन विपिन विहारी है। शीशगंग, भालचंद्र, नेत्रलाल, कंठव्याल, भस्मयुक्त, नग्नतन, जटा जूटधारी है। भूतेश्वर, नागेश्वर, डमरू त्रिशूल धर, अशुचि का घर बैल उसकी सवारी है। सत्यम शिवम सुंदरम उसे कहे वेद, कन्या का तुम्हारे वही शिव अधिकारी है। ॥ भाग ८ ॥ भक्तों के भंडार भरे भोले भंडारी शिव, अन्नपूर्णा कोष यहां अन्न के लुटाती है। दुर्गति नाशिनी दुर्गा काशी में विराजे, दुर्गावती गंगा जहां दुर्गति हरती है। गंगा सागर को जाने वाली गंगा मैया, उत्तरवाहिनी हुई काशी में आके। जन्मों के पाप शाप अभिशाप मिट जाए, चंद्राकार वैष्णवी का दर्शन पाके। ॥ भाग ९ ॥ निर्मल धवल जल चौड़ा-चौड़ा पाट यहाँ, चौरासी है घाट ऋषिजनह सुता के। लाख चौरासी योनियों से छुटकारा मिले, एक बार गंगाजी में डुबकी लगाने से। छप्पन विनायक जुटाते हैं छप्पन भोग, अष्ट भैरव अष्ट रक्षक हैं काशी के। पूरब में वेद व्यास, रामेश्वर पश्चिम में, उत्तर दक्षिण घर शिव अविनाशी के। ॥ भाग १० ॥ एक विष्णु त्रिभुवन पालते है और यहाँ, दाता है चौबीस विष्णु यश धन राशि के। मार्कंड महादेव शूलटंकेश्वर, काम करे पूर्ण शिव दर्शनाभिलाषी के.

Kashi Vishwanath Ki Mahima — Lyrics in English (Roman / Hinglish)

|| Bhag 1 || Kashi ye hamari, teenon lokon se hai nyaari, Kashipati Mahadev, sabhi devon se nyaare hain. Muktidham Kashi, jahaan mukteshwar guru, Wahaan mukteshwar Shiv, nij mukti ko padhare hain. Giri Kailash se kahin adhik tejomay, Kashi nagri ke punya bhoomi ke sitaare hain. Wahaan pe viraaje Ganga, Shivji ke shishya, Yahaan Shivji virajmaan, Ganga kinaare hain. || Bhag 2 || Kashi ke nivaasi kare, abhimaan Shiv ji pe, Paate hain abhaydan abhaykar se. Pralay ke samay bhi doobegi na Kashi, Hame aashwasan mila hai ye pralayankar se. Shiv aur Kashi paryaay ek doosre ke, Kashi ka atoot naata Bholeshankara se. Kashi aake Shiv ko na dhoondhna padega, Pata unka milega tumhe kankar-kankar se. || Bhag 3 || Vishwanath sadaashiv Bhairav mein Shiv roop, Shiv ka hi Rudra roop Veer Hanuman hai. Mandir ke dwaare pe viraajmaan Dundiraj, Ganpati Shiv ki oras santaan hai. Shiv ke nikat raaje Shivmay Parvati, Dono hi jagat ke liye vardaan hai. Dwadash Jyotirlinga dete hain Kashi ko jyoti, Sarveshwar yahaan sarvasthaan hai. || Bhag 4 || Panchakoshi Panchtirth parikrama vandana, Panchamahadev ka darshan sukhkari hain. Manikarnika se ye parikrama aarambh hoti, Chakrapushkarni ki mahima bhaari hai. Tarakamantra yahaan dete hai Shiv Parvati, Bhakton ki gati is mantra ne sudhhari hai. Aadishiv Aadishakti Mateshwari Parvati, Hamko bhi mukti de ye binti hamari hai. || Bhag 5 || Brahmaji ka ek sheesh kaat ke Sadaashiv, Doshmukta hone jaane kahaan-kahaan bhatake. Jahaan bhi wo pahunche kapaal ne na pichha chhoda, Raha wo to Shivji ke haath se hi satake. Yaheen hai Anandvan yaheen hai Madhavpuri, Prithvi pe hote hue prithvi se hatke. Yaheen doshmukta hue Mukteshwar Shiv aur, Vishwanath rahe gaye Kashi mein simtake. || Bhag 6 || Varuna Ashi ke sangam pe Varanasi, Vishweshwar Shiv ki dhara pe raajdhaani hai. Use nagri hai puraanon mein dwadash naam, Ganga ki laharon mein jinki kahaani hai. Sanskriti saahitya sangeet ka milan yahaan, Nagri Varanasi puraanon se puraani hai. Bhakton se adhik devi devta viraaje, Yahaan Shivji ke sang Parvati Bhavani hai. || Bhag 7 || Matrihin, pitriheen, gunheen, dhanheen, Deheen, udaasin, vipin vihaari hai. Sheeshgang, bhaalchandra, netralaal, kanthvyaal, Bhasmayukt, nagnaatan, jata jootdhari hai. Bhooteshwar, Nageshwar, damru trishool dhar, Ashuchi ka ghar bail uski savaari hai. Satyam Shivam Sundaram use kahe ved, Kanya ka tumhaare wahi Shiv adhikaari hai. || Bhag 8 || Bhakton ke bhandaar bhare Bhole bhandaari Shiv, Annapurna kosh yahaan ann ke lutaati hai. Durgati naashini Durga Kashi mein viraaje, Durgavati Ganga jahaan durgati harti hai. Ganga sagar ko jaane wali Ganga Maiya, Uttaravaahini hui Kashi mein aake. Janmon ke paap shaap abhishaap mit jaaye, Chandrakar Vaishnavi ka darshan paake. || Bhag 9 || Nirmal dhaval jal chaudaa-chaudaa paat yahaan, Chaurasi hai ghaat Rishijanah suta ke. Laakh chauraasi yoniyon se chhutkaara mile, Ek baar Gangaji mein dubki lagaane se. Chhappan Vinayak jutaate hain chhappan bhog, Asht Bhairav Asht rakshak hain Kashi ke. Poorab mein Ved Vyas, Rameshwar paschim mein, Uttar dakshin ghar Shiv Avinaashi ke. || Bhag 10 || Ek Vishnu Tribhuvan paalte hai aur yahaan, Daata hai chaubees Vishnu yash dhan raashi ke. Markand Mahadev Shoolatankeshwar, Kaam kare poorn Shiv darshanabhilaashi ke.

भजन का अर्थ – Kashi Vishwanath Ki Mahima Meaning

"काशी ये हमारी, तीनों लोकों से है न्यारी" — काशी को तीनों लोकों — स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल — में सबसे विशेष माना जाता है। यह शिव की अपनी नगरी है जिसे उन्होंने अपने त्रिशूल पर धारण किया हुआ है।

"प्रलय के समय भी डूबेगी ना काशी" — पुराणों के अनुसार जब पूरी सृष्टि का प्रलय होता है, तब भी काशी शिव के त्रिशूल पर सुरक्षित रहती है। यह भोलेनाथ का अपने भक्तों से वादा है — काशी अनादि है, अनंत है, अविनाशी है।

"काशी आके शिव को ना ढूंढ़ना पड़ेगा, पता उनका मिलेगा तुम्हें कंकर-कंकर से" — यह पंक्ति इस भजन की सबसे प्रसिद्ध और गहरी पंक्ति है। काशी में हर पत्थर, हर कंकड़ में शिव हैं — यहाँ भगवान को अलग से खोजना नहीं पड़ता। पूरी नगरी ही शिवमय है।

"तारकमंत्र यहां देते है शिव पार्वती" — मान्यता है कि काशी में जो भी प्राणी मरता है, भगवान शिव स्वयं उसके कान में तारकमंत्र देते हैं जिससे उसे सीधे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसीलिए काशी को मोक्षदायिनी, मुक्तिधाम और महाश्मशान कहा जाता है।

काशी विश्वनाथ की महिमा — Tanvi Senjaliya | Official Video

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निष्कर्ष

Tanvi Senjaliya की आवाज़ में "काशी विश्वनाथ की महिमा" सुनते ही मन में काशी के घाटों का वो दृश्य उभर आता है — गंगा की लहरें, मंदिर की घंटियाँ, भस्मारती का धुआं और बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद। यह भजन उन सभी के लिए है जो काशी जाना चाहते हैं या जो काशी की याद में हैं। इसे आज अपने परिवार और शिव भक्त मित्रों के साथ ज़रूर share करें। 🙏 हर हर महादेव! जय काशी विश्वनाथ! बम बम भोले! 🔱