जीवन में जब राह कठिन लगे, मन डगमगाए और हर तरफ अंधेरा दिखे — तब एक ही सहारा सबसे बड़ा होता है, और वो है प्रभु राम का नाम। अजय तिवारी की मर्मस्पर्शी आवाज़ में "होगा वही जो राम ने लिखा है" सुनते ही मन को एक अद्भुत शांति मिलती है — एक ऐसा विश्वास जो कहता है कि जब रघुवर साथ हैं तो पराजय कैसी? कनिष्क साहर के गहरे बोल और शान लोचन सिंह का सुरीला संगीत इस भजन को और भी हृदयस्पर्शी बना देता है। प्रसिद्ध गीतकार मनोज मुंतशिर और नीलम मुंतशिर द्वारा प्रस्तुत यह भजन रामचरितमानस की उस अमर चौपाई से प्रेरित है — "होइहि सोई जो राम रचि राखा।"
"होइहि सोई जो राम रचि राखा, को करि तर्क बढ़ावै साखा" — यह तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस की वह अमर चौपाई है जिसका अर्थ है: "वही होकर रहेगा जो भगवान राम ने पहले से तय कर रखा है — इसलिए व्यर्थ तर्क-वितर्क करके अपनी बुद्धि की शाखाएँ क्यों बढ़ाना?" यह नियति पर विश्वास और ईश्वर-समर्पण का सबसे सुंदर संदेश है।
"राम नाम जब लिखन अपारा, पाहन तरै सिंधु की धारा" — राम नाम का प्रताप ऐसा अपार है कि इसके प्रभाव से भारी पत्थर भी समुद्र की लहरों पर तैर जाते हैं। रामसेतु का वही प्रसंग इस भजन को ऐतिहासिक गहराई देता है।
"जो तुम हो हौसला देते, बने सेतु भी सागर पर" — यह पंक्ति भी सेतु-निर्माण की याद दिलाती है। जब राम का साथ हो तो असंभव भी संभव हो जाता है। इस पूरे भजन का सार यही है — प्रभु पर सब कुछ सौंप दो, निश्चिंत हो जाओ।
🙏 जय श्री राम! राम ही सहारा, राम ही सखा! 🚩
🎵 SONG DETAILS
भजन का नाम — होगा वही जो राम ने लिखा है
Singer — Ajay Tiwari (अजय तिवारी)
Lyrics — Kanishk Sahar (कनिष्क साहर)
Music — Shaan Lochan Singh (शान लोचन सिंह)
Presented by — Manoj Muntashir & Neelam Muntashir
देवता — भगवान श्री राम
थीम — राम भक्ति | ईश्वर-समर्पण | नियति पर विश्वास
भजन का नाम — होगा वही जो राम ने लिखा है
Singer — Ajay Tiwari (अजय तिवारी)
Lyrics — Kanishk Sahar (कनिष्क साहर)
Music — Shaan Lochan Singh (शान लोचन सिंह)
Presented by — Manoj Muntashir & Neelam Muntashir
देवता — भगवान श्री राम
थीम — राम भक्ति | ईश्वर-समर्पण | नियति पर विश्वास
होगा वही जो राम ने लिखा है — Lyrics in Hindi
होगा वही जो राम ने लिखा है — Lyrics in Hindi
॥ मुखड़ा ॥
कदम जो लड़खड़ाए तो हथेली थाम लेता है,
मैं उससे क्या ही माँगूँ जो बिना माँगे ही देता है।
कदम जो लड़खड़ाए तो हथेली थाम लेता है,
मैं उससे क्या ही माँगूँ जो बिना माँगे ही देता है,
चिंता क्यों करे, भरोसा जिसने प्रभु पे रखा है,
राम ही सहारा राम ही सखा है,
होगा वही जो राम ने लिखा है।
राम ही सहारा राम ही सखा है,
होगा वही जो राम ने लिखा है।
॥ अंतरा १ ॥
भरोसा राम पे मुझको,
मुझे किस बात का भय हो,
अगर हो साथ रघुवर का,
मेरी कैसे पराजय हो,
नहीं बिगड़ेगा कुछ उसका,
सँवारा है जिसे प्रभु ने,
उसे दुःख छू नहीं सकता,
दुलारा है जिसे प्रभु ने,
दुनिया में कोई भी नहीं जो राम से सदा है,
राम ही सहारा राम ही सखा है,
होगा वही जो राम ने लिखा है।
राम ही सहारा राम ही सखा है,
होगा वही जो राम ने लिखा है।
॥ अंतरा २ ॥
जो ये दुनिया चलाता है,
उसी के नाम पे छोड़ा,
मैं अब निश्चिन्त रहता हूँ,
है सबकुछ राम पे छोड़ा,
जो तुम हो हौसला देते,
बने सेतु भी सागर पर,
मुझे इतना ही दे देना,
मैं तुम्हें भूलूँ ना पल भर,
कुछ भी नहीं है यहाँ जो राम के बिना है,
राम ही सहारा राम ही सखा है,
होगा वही जो राम ने लिखा है।
राम ही सहारा राम ही सखा है,
होगा वही जो राम ने लिखा है।
॥ रामचरितमानस — चौपाई ॥
होइहि सोई जो राम रचि राखा,
को करि तर्क बढ़ावै साखा।
राम नाम जब लिखन अपारा,
पाहन तरै सिंधु की धारा।।
Hoga Vahi Jo Ram Ne Likha Hai — Lyrics in English (Roman / Hinglish)
|| Mukhda ||
Kadam jo ladkhadaaye to hatheli thaam leta hai,
Main usse kya hi maangoon jo bina maange hi deta hai.
Kadam jo ladkhadaaye to hatheli thaam leta hai,
Main usse kya hi maangoon jo bina maange hi deta hai,
Chinta kyon kare, bharosa jisne Prabhu pe rakha hai,
Ram hi sahaara Ram hi sakha hai,
Hoga vahi jo Ram ne likha hai.
Ram hi sahaara Ram hi sakha hai,
Hoga vahi jo Ram ne likha hai.
|| Antara 1 ||
Bharosa Ram pe mujhko,
Mujhe kis baat ka bhay ho,
Agar ho saath Raghuvar ka,
Meri kaise paraajay ho,
Nahi bigdega kuch uska,
Sanwaara hai jise Prabhu ne,
Use dukh chhu nahi sakta,
Dulaara hai jise Prabhu ne,
Duniya mein koi bhi nahi jo Ram se sadaa hai,
Ram hi sahaara Ram hi sakha hai,
Hoga vahi jo Ram ne likha hai.
Ram hi sahaara Ram hi sakha hai,
Hoga vahi jo Ram ne likha hai.
|| Antara 2 ||
Jo ye duniya chalaata hai,
Usi ke naam pe chhodaa,
Main ab nishchint rahta hoon,
Hai sab kuch Ram pe chhodaa,
Jo tum ho hausla dete,
Bane setu bhi saagar par,
Mujhe itna hi de denaa,
Main tumhe bhooloon na pal bhar,
Kuch bhi nahi hai yahaan jo Ram ke binaa hai,
Ram hi sahaara Ram hi sakha hai,
Hoga vahi jo Ram ne likha hai.
Ram hi sahaara Ram hi sakha hai,
Hoga vahi jo Ram ne likha hai.
|| Ramcharitmanas — Chaupai ||
Hoihi soi jo Ram rachi raakhaa,
Ko kari tark badhaavai saakhaa.
Ram naam jab likhan apaaraa,
Paahan tarai Sindhu ki dhaaraa.
भजन का अर्थ – Hoga Vahi Jo Ram Ne Likha Hai Meaning
"कदम जो लड़खड़ाए तो हथेली थाम लेता है" — यह पंक्ति प्रभु राम की उस करुणा का वर्णन करती है जो भक्त के संकट में स्वयं आगे बढ़कर सहारा देती है। जो भगवान बिना माँगे देता है, उससे अलग से माँगने की क्या आवश्यकता?"होइहि सोई जो राम रचि राखा, को करि तर्क बढ़ावै साखा" — यह तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस की वह अमर चौपाई है जिसका अर्थ है: "वही होकर रहेगा जो भगवान राम ने पहले से तय कर रखा है — इसलिए व्यर्थ तर्क-वितर्क करके अपनी बुद्धि की शाखाएँ क्यों बढ़ाना?" यह नियति पर विश्वास और ईश्वर-समर्पण का सबसे सुंदर संदेश है।
"राम नाम जब लिखन अपारा, पाहन तरै सिंधु की धारा" — राम नाम का प्रताप ऐसा अपार है कि इसके प्रभाव से भारी पत्थर भी समुद्र की लहरों पर तैर जाते हैं। रामसेतु का वही प्रसंग इस भजन को ऐतिहासिक गहराई देता है।
"जो तुम हो हौसला देते, बने सेतु भी सागर पर" — यह पंक्ति भी सेतु-निर्माण की याद दिलाती है। जब राम का साथ हो तो असंभव भी संभव हो जाता है। इस पूरे भजन का सार यही है — प्रभु पर सब कुछ सौंप दो, निश्चिंत हो जाओ।
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