Bajrang Baan Lyrics– Rasraj Ji Maharaj | Hindi and English

संकट के समय जब कोई और सहारा न मिले, तब एक ही पुकार सबसे ज़्यादा भरोसा देती है — बजरंग बाणRasraj Ji Maharaj की गहरी, ध्यानमय आवाज़ में इस बार बजरंग बाण को Lofi रूप में प्रस्तुत किया गया है — Baljeet Singh Chahal के संगीत के साथ, जो इस पारंपरिक पाठ को एक शांत, ध्यान-योग्य अनुभव में बदल देता है। Vianet Media और Ambey के बैनर तले रिलीज़ यह बजरंग बाण भूत-प्रेत बाधा, संकट और भय से रक्षा के लिए सबसे प्रभावी पाठों में से एक माना जाता है।
🙏 जय बजरंगबली! जय हनुमंत! 🔱
🎵 SONG DETAILS

Album / Song — Bajrang Baan (Lofi)
Singer — Rasraj Ji Maharaj
Music — Baljeet Singh Chahal
Lyrics — Traditional
Concept — Utsav Aggarwal
Label — Vianet Media | Ambey
Publisher — Shubham Audio Video Private Limited

श्री बजरंग बाण — पाठ हिंदी में

Bajrang Baan Lofi Lyrics - Rasraj Ji Maharaj Hanuman Bhajan Vianet Media
॥ दोहा ॥

निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान।
तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥

॥ चौपाई ॥

जय हनुमंत संत हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥
जन के काज बिलंब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै॥
जैसे कूदि सिंधु महिपारा। सुरसा बदन पैठि बिस्तारा॥
आगे जाय लंकिनी रोका। मारेहु लात गई सुरलोका॥

जाय बिभीषन को सुख दीन्हा। सीता निरखि परमपद लीन्हा॥
बाग उजारि सिंधु महँ बोरा। अति आतुर जमकातर तोरा॥

अक्षय कुमार मारि संहारा। लूम लपेटि लंक को जारा॥
लाह समान लंक जरि गई। जय जय धुनि सुरपुर नभ भई॥
अब बिलंब केहि कारन स्वामी। कृपा करहु उर अंतरयामी॥
जय जय लखन प्रान के दाता। आतुर ह्वै दुख करहु निपाता॥
जै हनुमान जयति बल-सागर। सुर-समूह-समरथ भट-नागर॥

ॐ हनु हनु हनु हनुमंत हठीले। बैरिहि मारु बज्र की कीले॥
ॐ ह्नीं ह्नीं ह्नीं हनुमंत कपीसा। ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर सीसा॥

जय अंजनि कुमार बलवंता। शंकरसुवन बीर हनुमंता॥
बदन कराल काल-कुल-घालक। राम सहाय सदा प्रतिपालक॥
भूत, प्रेत, पिसाच निसाचर। अगिन बेताल काल मारी मर॥
इन्हें मारु, तोहि सपथ राम की। राखु नाथ मरजाद नाम की॥
सत्य होहु हरि सपथ पाइ कै। राम दूत धरु मारु धाइ कै॥

जय जय जय हनुमंत अगाधा। दुख पावत जन केहि अपराधा॥
पूजा जप तप नेम अचारा। नहिं जानत कछु दास तुम्हारा॥
बन उपबन मग गिरि गृह माहीं। तुम्हरे बल हौं डरपत नाहीं॥
जनकसुता हरि दास कहावौ। ताकी सपथ बिलंब न लावौ॥

जै जै जै धुनि होत अकासा। सुमिरत होय दुसह दुख नासा॥
चरन पकरि, कर जोरि मनावौं। यहि औसर अब केहि गोहरावौं॥
उठु, उठु, चलु, तोहि राम दुहाई। पायँ परौं, कर जोरि मनाई॥

ॐ चं चं चं चं चपल चलंता। ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमंता॥
ॐ हं हं हाँक देत कपि चंचल। ॐ सं सं सहमि पराने खल-दल॥

अपने जन को तुरत उबारौ। सुमिरत होय आनंद हमारौ॥
यह बजरंग-बाण जेहि मारै। ताहि कहौ फिरि कवन उबारै॥
पाठ करै बजरंग-बाण की। हनुमत रक्षा करै प्रान की॥
यह बजरंग बाण जो जापैं। तासों भूत-प्रेत सब कापैं॥
धूप देय जो जपै हमेसा। ताके तन नहिं रहै कलेसा॥

॥ दोहा ॥

उर प्रतीति दृढ़, सरन ह्वै, पाठ करै धरि ध्यान।
बाधा सब हर, करैं सब काम सफल हनुमान॥

Hanuman Bajranj Baan Full English Lyrics

|| Doha ||

Nishchay prem pratiti te, binay karain sanmaan.
Tehi ke kaaraj sakal shubh, siddh karain Hanuman॥

|| Chaupai ||

Jai Hanumant sant hitkaari. Sun leeje prabhu araj hamaari॥
Jan ke kaaj bilamb na keeje. Aatur dauri mahaa sukh deeje॥
Jaise koodi sindhu mahipaara. Sursaa badan paithi bistaara॥
Aage jaay lankini roka. Maarehu laat gayi suraloka॥
Jaay Bibheeshan ko sukh deenhaa. Seeta nirkhi param-pad leenhaa॥
Baag ujaari sindhu mah boraa. Ati aatur jamkaatar toraa॥
Akshay Kumaar maari sanhaaraa. Loom lapeti lank ko jaaraa॥
Laah samaan lank jari gayi. Jai jai dhuni surpur nabh bhayi॥
Ab bilamb kehi kaaran swaami. Kripa karahu ur antaryaami॥
Jai jai Lakhan praan ke daata. Aatur hwai dukh karahu nipaataa॥
Jai Hanuman jayati bal-saagar. Sur-samooh-samarath bhat-naagar॥
Om hanu hanu hanu Hanumant hatheele. Bairihi maaru bajra ki keele॥
Om hreem hreem hreem Hanumant kapeesa. Om hum hum hum hanu ari ur seesa॥
Jai Anjani Kumaar balwantaa. Shankarsuvan beer Hanumantaa॥
Badan karaal kaal-kul-ghaalak. Raam sahaay sadaa pratipaalak॥
Bhoot, pret, pisaach nisaachar. Agin betaal kaal maari mar॥
Inhe maaru, tohi sapath Raam ki. Raakhu naath marjaad naam ki॥
Satya hohu Hari sapath paai ke. Raam doot dharu maaru dhaai ke॥
Jai jai jai Hanumant agaadhaa. Dukh paavat jan kehi apraadhaa॥
Pooja jap tap nem achaaraa. Nahi jaanat kachhu daas tumhaaraa॥
Ban upaban mag giri grih maahi. Tumhre bal hau darpat naahi॥
Janaksuta Hari daas kahaavau. Taaki sapath bilamb na laavau॥
Jai jai jai dhuni hot akaasaa. Sumirat hoy dusah dukh naasaa॥
Charan pakari, kar jori manaavau. Yahi ausar ab kehi goharaavau॥
Uthu, uthu, chalu, tohi Raam duhaai. Paay parau, kar jori manaai॥
Om chan chan chan chan chapal chalantaa. Om hanu hanu hanu hanu Hanumantaa॥
Om han han haank det kapi chanchal. Om san san sahami paraane khal-dal॥
Apne jan ko turat ubaarau. Sumirat hoy aanand hamaarau॥
Yah Bajrang-Baan jehi maarai. Taahi kahau phiri kavan ubaarai॥
Paath karai Bajrang-Baan ki. Hanumat raksha karai praan ki॥
Yah Bajrang Baan jo jaapai. Taason bhoot-pret sab kaapai॥
Dhoop dey jo japai hamesaa. Taake tan nahi rahai kalesaa॥

|| Doha ||

Ur pratiti dridh, saran hwai, paath karai dhari dhyaan.
Baadhaa sab har, karain sab kaam saphal Hanuman॥

बजरंग बाण का महत्व और लाभ

बजरंग बाण को हनुमान चालीसा से भी अधिक प्रभावशाली पाठ माना जाता है — विशेष रूप से भूत-प्रेत बाधा, नकारात्मक शक्तियों और संकट से रक्षा के लिए। यह पाठ हनुमान जी की उन वीरतापूर्ण लीलाओं का स्मरण कराता है जब उन्होंने सिंधु पार किया, लंकिनी को परास्त किया और लंका दहन किया।

बजरंग बाण की मान्यता है कि इसका नियमित पाठ नकारात्मक शक्तियों, भय और बाधाओं से सुरक्षा देता है। विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को, या किसी संकट के समय इस पाठ को करने की परंपरा है।

फलश्रुति में स्पष्ट कहा गया है कि जो भक्त श्रद्धा से इस बाण का पाठ करता है, उसकी हनुमान जी सदैव रक्षा करते हैं। मंदिर में धूप जलाकर नियमित पाठ करने से मन को विशेष शांति मिलती है, ऐसी श्रद्धालुओं की मान्यता है।

बजरंग बाण (Lofi) — Rasraj Ji Maharaj | Official Video

निष्कर्ष

Rasraj Ji Maharaj की आवाज़ में बजरंग बाण का यह Lofi रूपांतरण भक्ति और शांति का एक नया अनुभव देता है। Baljeet Singh Chahal के संगीत के साथ यह पारंपरिक पाठ ध्यान और मन की शांति के लिए विशेष रूप से प्रभावी है। इसे आज अपने परिवार और हनुमान भक्त मित्रों के साथ ज़रूर share करें। 🙏 जय बजरंगबली! जय हनुमंत! 🔱