आज मंगलवार है — और मंगलवार का मतलब है बजरंगबली की भक्ति, उनका ध्यान और उनके भजनों में डूब जाना। Lakhbir Singh Lakkha — वो नाम जिसने दशकों से भक्तिसंगीत को जीवित रखा है — उनकी आवाज़ में "हनुमान तुम्हारा क्या कहना" सुनना एक अलग ही अनुभव है। T-Series ने इस कालजयी भजन को हनुमान जन्मोत्सव 2026 पर नए HD video के साथ re-release किया और एक बार फिर करोड़ों भक्तों के दिलों में यह भजन गूंज उठा। Shrikant Mishra के लिखे ये बोल और Durga-Natraj का संगीत मिलकर हनुमान जी की असीम शक्ति और भक्ति का जो चित्र खींचते हैं — वो बेमिसाल है।
"सीता की खोज करी तुमने, तुम सात समुन्दर पार गये" — हनुमान जी की अतुलित शक्ति का स्मरण — जिन्होंने राम भक्ति में सात समुद्र पार कर माता सीता की खोज की।
"लंका को किया शमशान प्रभु" — लंका दहन की वो अमर घटना जब हनुमान जी ने अकेले पूरी लंका को जला दिया — यही उनका बल है।
"तुम भक्त शिरोमनी हो जग में, तुम वीर शिरोमनी हो जग में" — यह पंक्ति हनुमान जी के दोहरे स्वरूप को दर्शाती है — वे राम के सबसे बड़े भक्त भी हैं और सबसे बड़े वीर भी। दुनिया में ऐसा संयोग किसी और में नहीं।
🙏 जय बजरंगबली! जय श्री राम! 🚩
🎵 SONG DETAILS
Singer — Lakhbir Singh Lakkha
Lyrics — Shrikant Mishra
Music — Durga, Natraj
Label — T-Series
Album — Dayalu Jai Hanumanta
Singer — Lakhbir Singh Lakkha
Lyrics — Shrikant Mishra
Music — Durga, Natraj
Label — T-Series
Album — Dayalu Jai Hanumanta
हनुमान तुम्हारा क्या कहना — Lyrics in Hindi
॥ मुखड़ा ॥
कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
जय हो कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं जी
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
तेरी शक्ति का क्या कहना
तेरी भक्ति का क्या कहना
तेरी शक्ति का क्या कहना
तेरी भक्ति का क्या कहना
हे जी कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा तुम्हारा क्या कहना
कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
जय हो कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं जी
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
तेरी शक्ति का क्या कहना
तेरी भक्ति का क्या कहना
तेरी शक्ति का क्या कहना
तेरी भक्ति का क्या कहना
हे जी कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा तुम्हारा क्या कहना
कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
॥ अंतरा १ ॥
हे सीता की खोज करी तुमने
तुम सात समुन्दर पार गये
सीता की खोज करी तुमने
तुम सात समुन्दर पार गये
हो सीता की खोज करी तुमने
तुम सात समुन्दर पार गये
हे लंका को, लंका को किया शमशान
प्रभु बलवान तुम्हारा, तुम्हारा क्या कहना
लंका को किया शमशान
प्रभु बलवान तुम्हारा क्या कहना
तेरी शक्ति का क्या कहना
तेरी भक्ति का क्या कहना
हे जी कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा तुम्हारा क्या कहना
कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
॥ अंतरा २ ॥
हो जब लखन लाल को शक्ति लगी
तुम घोलागिरी पर्वत लाये
जब लखन लाल को शक्ति लगी
तुम घोलागिरी पर्वत लाये
हे जब लखन लाल को शक्ति लगी
तुम घोलागिरी पर्वत लाये
हाँ जी लक्ष्मण के, लक्ष्मण के बचाये
आ कर के तब प्राण तुम्हारा क्या कहना
लक्ष्मण के बचाये आ कर के तब प्राण
तुम्हारा क्या कहना
तेरी शक्ति का क्या कहना
तेरी भक्ति का क्या कहना
हे जी कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं जी
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
॥ अंतरा ३ ॥
तुम भक्त शिरोमनी हो जग में
तुम वीर शिरोमनी हो जग में
तुम भक्त शिरोमनी हो जग में
तुम वीर शिरोमनी हो जग में
और तेरे रोम-रोम, तेरे रोम-रोम
बसते हैं सिया राम तुम्हारा क्या कहना
तेरे रोम-रोम बसते हैं सिया राम
तुम्हारा क्या कहना
तेरी शक्ति का क्या कहना
तेरी भक्ति का क्या कहना
ऐ जी कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
॥ समापन ॥
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा क्या कहना...
हे सीता की खोज करी तुमने
तुम सात समुन्दर पार गये
सीता की खोज करी तुमने
तुम सात समुन्दर पार गये
हो सीता की खोज करी तुमने
तुम सात समुन्दर पार गये
हे लंका को, लंका को किया शमशान
प्रभु बलवान तुम्हारा, तुम्हारा क्या कहना
लंका को किया शमशान
प्रभु बलवान तुम्हारा क्या कहना
तेरी शक्ति का क्या कहना
तेरी भक्ति का क्या कहना
हे जी कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा तुम्हारा क्या कहना
कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
॥ अंतरा २ ॥
हो जब लखन लाल को शक्ति लगी
तुम घोलागिरी पर्वत लाये
जब लखन लाल को शक्ति लगी
तुम घोलागिरी पर्वत लाये
हे जब लखन लाल को शक्ति लगी
तुम घोलागिरी पर्वत लाये
हाँ जी लक्ष्मण के, लक्ष्मण के बचाये
आ कर के तब प्राण तुम्हारा क्या कहना
लक्ष्मण के बचाये आ कर के तब प्राण
तुम्हारा क्या कहना
तेरी शक्ति का क्या कहना
तेरी भक्ति का क्या कहना
हे जी कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं जी
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
॥ अंतरा ३ ॥
तुम भक्त शिरोमनी हो जग में
तुम वीर शिरोमनी हो जग में
तुम भक्त शिरोमनी हो जग में
तुम वीर शिरोमनी हो जग में
और तेरे रोम-रोम, तेरे रोम-रोम
बसते हैं सिया राम तुम्हारा क्या कहना
तेरे रोम-रोम बसते हैं सिया राम
तुम्हारा क्या कहना
तेरी शक्ति का क्या कहना
तेरी भक्ति का क्या कहना
ऐ जी कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
॥ समापन ॥
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा क्या कहना
कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं
हनुमान तुम्हारा क्या कहना...
भजन का अर्थ – Hanuman Tumhara Kya Kehna Meaning
"कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं" — कलियुग में जब हर तरफ पाप और अशांति है, तब एकमात्र सिद्ध और जागृत देव हनुमान जी हैं जो अपने भक्तों की तुरंत सुनते हैं।"सीता की खोज करी तुमने, तुम सात समुन्दर पार गये" — हनुमान जी की अतुलित शक्ति का स्मरण — जिन्होंने राम भक्ति में सात समुद्र पार कर माता सीता की खोज की।
"लंका को किया शमशान प्रभु" — लंका दहन की वो अमर घटना जब हनुमान जी ने अकेले पूरी लंका को जला दिया — यही उनका बल है।
"तुम भक्त शिरोमनी हो जग में, तुम वीर शिरोमनी हो जग में" — यह पंक्ति हनुमान जी के दोहरे स्वरूप को दर्शाती है — वे राम के सबसे बड़े भक्त भी हैं और सबसे बड़े वीर भी। दुनिया में ऐसा संयोग किसी और में नहीं।
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