Sab Unpe Chhod De Hinglish Lyrics – Swati Mishra

जब जिंदगी का बोझ इतना भारी हो जाए कि कदम उठाना भी मुश्किल लगे — तब एक ही रास्ता है, एक ही उपाय है — सब उनपे छोड़ दे। Swati Mishra का यह भजन 2026 में आया और हर उस इंसान के दिल को छू गया जो संसार की चिंताओं में डूबा हुआ है। यह भजन कोई साधारण गीत नहीं — यह उस भटके हुए मन को कान्हा की शरण में ले जाने का आमंत्रण है जो अकेला है, थका हुआ है, रो रहा है। कान्हा कह रहे हैं — बस एक बार मेरा नाम जप ले, बाकी सब मुझ पर छोड़ दे।
🙏 राधे राधे! जय श्री कृष्ण! 🦚
🎵 SONG DETAILS

Singer — Swati Mishra
Lyrics — Swati Mishra
Music — Swati Mishra
देवता — श्री कृष्ण – गोविंद

सब उनपे छोड़ दे — Lyrics in Hindi

॥ मुखड़ा ॥

कांधे पे बोझ लेके, कब से चल रहा
क्यों तेरा मन है इतना, भटका भटका सा
क्यों कर रहा है बड़ी-बड़ी चिंता
एक बार तो नाम जप के देख ले प्रभु का
वो तुझको सुन रहे होंगे
ये आंसू गिन रहे होंगे

सब उनपे छोड़ दे
सब उनपे छोड़ दे
सब उनपे छोड़ दे
सब उनपे छोड़ दे
सब उनपे छोड़ दे
Sab Unpe Chhod De Lyrics - Swati Mishra Krishna Bhajan 2026
॥ अंतरा १ ॥

तेरे अकेले का साथी है वो
तू जलता दीपक पर बाती है वो
तू उनका अर्जुन पर सारथी है वो
तू उनका अर्जुन पर सारथी है वो
क्या तेरा सब तो है उनका
बता दे हाल तन मन का
फिर उनपे छोड़ दे

सब उनपे छोड़ दे
सब उनपे छोड़ दे
सब उनपे छोड़ दे
सब उनपे छोड़ दे
सब उनपे छोड़ दे

॥ अंतरा २ ॥

तुझको मिलेगा जो चाहता है तू
ये तेरी परीक्षा है जानता है तू
थोड़ा सबर थोड़ा धीरज धर तू
थोड़ा सबर थोड़ा धीरज धर तू
वो एक दिन पिघल जाएंगे
तेरी बिगड़ी बनाएंगे
सब उनपे छोड़ दे

सब उनपे छोड़ दे
सब उनपे छोड़ दे
सब उनपे छोड़ दे
सब उनपे छोड़ दे

॥ समापन ॥

हरि बोल हरि बोल हरि बोल हरि बोल
हरि बोल हरि बोल हरि बोल हरि बोल
हरि बोल हरि बोल हरि बोल हरि बोल
हरि बोल हरि बोल हरि बोल हरि बोल

Sab Unpe Chhod De — Lyrics in English (Roman)

Kandhe pe bojh leke, Kab se chal raha
Kyon tera mann hai itna, Bhatka bhatka sa
Kyon kar raha hai badi-badi chinta
Ek baar to naam jap ke dekh le prabhu ka
Wo tujhko sun rahe honge
Ye aansu gin rahe honge

Sab unpe chhod de
Sab unpe chhod de
Sab unpe chhod de
Sab unpe chhod de
Sab unpe chhod de

Tere akele ka saathi hai wo
Tu jalta deepak par baati hai wo
Tu unka arjun par saarthi hai wo
Tu unka arjun par saarthi hai wo
Kya tera sab to hai unka
Bata de haal tan mann ka
Phir unpe chhod de

Sab unpe chhod de
Sab unpe chhod de
Sab unpe chhod de
Sab unpe chhod de
Sab unpe chhod de

Tujhko milega jo chahta hai tu
Ye teri pariksha hai jaanta hai tu
Thoda sabar thoda dheeraj dhar tu
Thoda sabar thoda dheeraj dhar tu
Wo ek din pighal jaayenge
Teri bigdi banaayenge
Sab unpe chhod de

Sab unpe chhod de
Sab unpe chhod de
Sab unpe chhod de
Sab unpe chhod de

Hari bol hari bol hari bol hari bol (×4)

भजन का अर्थ – Sab Unpe Chhod De Meaning

"कांधे पे बोझ लेके कब से चल रहा, क्यों तेरा मन है इतना भटका भटका सा" — यह पंक्ति हर उस इंसान की आवाज़ है जो संसार की जिम्मेदारियों का बोझ उठाए थका-थका घूम रहा है। कान्हा पूछ रहे हैं — यह बोझ मुझे क्यों नहीं देता? मैं तो यहीं हूँ।

"तेरे अकेले का साथी है वो, तू जलता दीपक पर बाती है वो, तू उनका अर्जुन पर सारथी है वो" — तीन गहरे रूपक — कान्हा अकेलेपन के साथी हैं, जलते दीपक की बाती की तरह सहारा हैं, और जैसे अर्जुन के सारथी बने थे वैसे ही हमारे जीवन के सारथी हैं। भक्त को बस भरोसा रखना है।

"तुझको मिलेगा जो चाहता है तू, ये तेरी परीक्षा है जानता है तू" — यह पंक्ति सबसे बड़ी सांत्वना है — जो चाहते हो वो मिलेगा, बस यह समय परीक्षा का है। थोड़ा धीरज रखो — वो एक दिन पिघल जाएंगे और तेरी बिगड़ी बनाएंगे।

निष्कर्ष

Swati Mishra के इस भजन को सुनते वक्त ऐसा लगता है जैसे कान्हा खुद आकर कह रहे हों — "बेटा, रो मत, चिंता मत कर, सब मुझ पर छोड़ दे।" यह 2026 का वो भजन है जो हर थके हुए, टूटे हुए और अकेले इंसान के लिए संजीवनी है। इसे आज अपने परिवार और प्रियजनों के साथ ज़रूर share करें — किसी का दिन बेहतर हो सकता है। 🙏 राधे राधे! जय श्री कृष्ण! सब उनपे छोड़ दे! 🦚